बायो-बिटुमेन एवं भारत की “स्वच्छ, हरित राजमार्ग” पहल
7 जनवरी, 2026 को विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के स्वतंत्र प्रभार राज्य मंत्री और CSIR के उपाध्यक्ष ने घोषणा की कि भारत ने “स्वच्छ, हरित राजमार्ग” युग में प्रवेश किया है। इसके तहत सड़क निर्माण के लिए बायो-बिटुमेन (Bio-bitumen) प्रौद्योगिकी का शुभारंभ किया गया है।
पृष्ठभूमि
- आयात का बोझ: भारत सड़क निर्माण में बड़े पैमाने पर पेट्रोलियम आधारित बिटुमेन (डामर) का उपयोग करता है, इस आयात पर ₹25,000–30,000 करोड़ वार्षिक खर्च आता है।
- प्रदूषण की चुनौती: वहीं, धान, गेंहू और अन्य कृषि अवशेषों के पराली जलाने से वायु प्रदूषण गंभीर रूप ले चुका है।
- स्वदेशी नवाचार: इन दोनों चुनौतियों ....
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