कोंडगई झील से 4,500 वर्षों का जलवायु अभिलेख पुनर्निर्मित

  • हाल ही में वैज्ञानिकों की एक टीम ने तमिलनाडु के शिवगंगा ज़िले स्थित कोंडगई अंतर्देशीय झील के तलछटी अवसादों (sediments) के विश्लेषण के माध्यम से प्रायद्वीपीय भारत के सबसे विस्तृत जलवायु अभिलेखों में से एक का पुनर्निर्माण किया है।
  • यह अध्ययन लगभग 4,500 वर्षों की अवधि में मानसून परिवर्तनशीलता, पारिस्थितिक तंत्र और मानव बसावट पर नए व गहरे दृष्टिकोण प्रदान करता है।
  • अध्ययन में उत्तर होलोसीन काल की तीन प्रमुख जलवायु अवस्थाओं की पहचान की गई—
    • 4.2 ka (किलोऐनम) का शुष्क (arid) घटना काल,
    • 3.2 ka का सूखा चरण, तथा
    • रोमन ऊष्ण काल (Roman Warm Period)।
  • ये सभी चरण मानसूनी उतार–चढ़ाव और जल-वैज्ञानिक परिवर्तनों से ....
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