यूरोपीय संघ का कार्बन बॉर्डर एडजस्टमेंट मैकेनिज़्म (CBAM)
- 1 जनवरी, 2026 से यूरोपीय संघ का कार्बन बॉर्डर एडजस्टमेंट मैकेनिज़्म (CBAM) लागू हो गया।
- इसके तहत उन आयातित वस्तुओं पर शुल्क लगाया जाएगा, जिनके उत्पादन में अधिक मात्रा में कार्बन उत्सर्जन होता है।
- CBAM के दायरे में लौह एवं इस्पात, एल्युमिनियम, सीमेंट, उर्वरक, बिजली एवं हाइड्रोजन जैसे कार्बन-गहन उत्पाद आते हैं।
- इसका उद्देश्य आयातित वस्तुओं की लागत को यूरोपीय संघ की आंतरिक उत्सर्जन व्यापार प्रणाली (ETS) के तहत लागू कार्बन मूल्य के अनुरूप बनाना है।
- इस व्यवस्था के तहत यूरोपीय संघ के आयातकों को आयातित वस्तुओं में निहित कार्बन उत्सर्जन की घोषणा करनी होगी और उसके अनुरूप CBAM प्रमाणपत्र खरीदने होंगे।
- इन प्रमाणपत्रों ....
क्या आप और अधिक पढ़ना चाहते हैं?
तो सदस्यता ग्रहण करें
इस अंक की सभी सामग्रियों को विस्तार से पढ़ने के लिए खरीदें |
पूर्व सदस्य? लॉग इन करें
वार्षिक सदस्यता लें
सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल के वार्षिक सदस्य पत्रिका की मासिक सामग्री के साथ-साथ क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स पढ़ सकते हैं |
पाठक क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स के रूप में सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल मासिक अंक के विगत 6 माह से पूर्व की सभी सामग्रियों का विषयवार अध्ययन कर सकते हैं |
संबंधित सामग्री
- 1 बैक्ट्रियन ऊँट
- 2 भारत में दुर्लभ ‘एंट फ्लाई’ की 2 नई प्रजातियों की खोज
- 3 भारतीय कार्बन बाज़ार के अनुपालन दायरे का विस्तार
- 4 अनैतिक वन्यजीव फ़ोटोग्राफी से दुर्लभ ‘गैलेक्सी फ्रॉग’ के अस्तित्व पर संकट
- 5 सूक्ष्म क्रस्टेशियन के नए वंश एवं प्रजाति की खोज
- 6 मीठे पानी की पफरफिश से विषाक्तता
- 7 IRENA महासभा का समापन: वैश्विक स्वच्छ ऊर्जा संक्रमण को गति देने पर बल
- 8 कोंडगई झील से 4,500 वर्षों का जलवायु अभिलेख पुनर्निर्मित
- 9 भारतीय स्किमर संरक्षण हेतु BNHS–NMCG परियोजना
- 10 2025 बना इतिहास का सबसे गर्म “ला नीना” वर्ष
पर्यावरण एवं पारिस्थितिकी
- 1 बायो-बिटुमेन एवं भारत की “स्वच्छ, हरित राजमार्ग” पहल
- 2 हाई सीज़ संधि: वैश्विक महासागरों की जैव-विविधता की नई सुरक्षा ढाल
- 3 भारतीय कृषि में जलवायु अनुकूलन एटलस
- 4 बॉम्ब साइक्लोन
- 5 भारत के हिमालयी क्षेत्र में जलवायु वित्तीय अंतर
- 6 2025 में विश्व के महासागरों में अब तक की सर्वाधिक ऊष्मा संचित
- 7 वॉकर एवं हैडली परिसंचरण का भारत के मौसम पैटर्न पर प्रभाव
- 8 सर्दियों के दौरान उत्तर भारत में प्रदूषण किस प्रकार कोहरे की तीव्रता बढ़ा देता है?
- 9 बनेरघट्टा राष्ट्रीय उद्यान के इको-सेंसिटिव जोन (ESZ) पर विवाद
- 10 प्रोजेक्ट डॉल्फिन के तहत दूसरी अखिल भारतीय डॉल्फ़िन गणना प्रारंभ
- 11 कुंभलगढ़ वन्यजीव अभयारण्य के चारों ओर का क्षेत्र “इको-सेंसिटिव ज़ोन” घोषित
- 12 डुगोंग संरक्षण केंद्र को लेकर केंद्र की पर्यावरणीय चिंताएँ
- 13 वैश्विक प्रकृति-वित्त असंतुलन (Global Nature Finance Imbalance)
- 14 अमेज़न क्षेत्र की बिना डंक वाली मधुमक्खियों को कानूनी अधिकार
- 15 कलाई-II जलविद्युत परियोजना और लोहित बेसिन में EIA संबंधी चिंताएँ
- 16 एक्सेस एंड बेनिफिट शेयरिंग (ABS)
- 17 अमेरिका का पेरिस जलवायु समझौते से बाहर निकलना
- 18 काज़ीरंगा एलिवेटेड कॉरिडोर परियोजना
- 19 CSIR–NPL में विश्वस्तरीय पर्यावरण एवं सौर मेट्रोलॉजी सुविधाएँ
- 20 2025 बना इतिहास का सबसे गर्म “ला नीना” वर्ष
- 21 भारतीय स्किमर संरक्षण हेतु BNHS–NMCG परियोजना
- 22 कोंडगई झील से 4,500 वर्षों का जलवायु अभिलेख पुनर्निर्मित
- 23 IRENA महासभा का समापन: वैश्विक स्वच्छ ऊर्जा संक्रमण को गति देने पर बल
- 24 मीठे पानी की पफरफिश से विषाक्तता
- 25 सूक्ष्म क्रस्टेशियन के नए वंश एवं प्रजाति की खोज
- 26 अनैतिक वन्यजीव फ़ोटोग्राफी से दुर्लभ ‘गैलेक्सी फ्रॉग’ के अस्तित्व पर संकट
- 27 भारतीय कार्बन बाज़ार के अनुपालन दायरे का विस्तार
- 28 भारत में दुर्लभ ‘एंट फ्लाई’ की 2 नई प्रजातियों की खोज
- 29 बैक्ट्रियन ऊँट

