कोकिंग कोयला: महत्वपूर्ण एवं रणनीतिक खनिज

29 जनवरी, 2026 को केंद्र सरकार ने खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम, 1957 [MMDR Act, 1957] के तहत कोकिंग कोयले को महत्वपूर्ण एवं रणनीतिक खनिज (Critical and Strategic Mineral) घोषित किया।

  • यह निर्णय खनन क्षेत्र में जारी संरचनात्मक सुधारों का हिस्सा है तथा आत्मनिर्भर भारत और विकसित भारत@2047 की परिकल्पना के अनुरूप है।
  • इससे खनिज सुरक्षा और घरेलू इस्पात उद्योग के लिए कोकिंग कोयले के रणनीतिक महत्व को मान्यता मिलती है।

कोकिंग कोयले को महत्वपूर्ण एवं सामरिक खनिज क्यों घोषित किया गया?

  • आयात निर्भरता: वर्तमान में इस्पात क्षेत्र की लगभग 95% कोकिंग कोयले की आवश्यकता आयात से पूरी होती है, ....
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