गुरु अंगद देव जी का ज्योति-ज्योत दिवस
22 मार्च, 2026 को केंद्रीय गृह मंत्री ने दूसरे सिख गुरु गुरु अंगद देव जी के ज्योति-ज्योत दिवस पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
- ज्योति-ज्योत दिवस सिख गुरुओं की पुण्यतिथि को दर्शाता है, जो उनके परमात्मा में विलय का प्रतीक है।
गुरु अंगद देव जी कौन थे?
- गुरु अंगद देव जी का जन्म 31 मार्च 1504 को वर्तमान पंजाब के मत्ते-दी-सराय में ‘लहणा’ के रूप में हुआ।
- वे 1539 में गुरु नानक देव जी के उत्तराधिकारी बनकर दूसरे सिख गुरु बने।
प्रमुख योगदान
- गुरुमुखी लिपि का मानकीकरण
- गुरुमुखी लिपि को मानकीकृत एवं प्रचलित किया।
- गुरुमुखी का अर्थ “गुरु के मुख से” ....
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