श्री श्री हरिचंद ठाकुर

16 मार्च, 2026 को प्रधानमंत्री ने मतुआ धर्म मेला के पावन अवसर पर पूर्ण ब्रह्म श्री श्री हरिचंद ठाकुर की 215वीं जयंती पर मतुआ समुदाय को शुभकामनाएँ दीं।

हरिचंद ठाकुर के बारे में

  • हरिचंद ठाकुर का जन्म वर्ष 1811 में गोपालगंज जिले के सफलडांगा गाँव में एक वैष्णव नामशूद्र कृषक परिवार में हुआ था।
  • उस समय यह क्षेत्र बंगाल प्रेसीडेंसी का हिस्सा था (वर्तमान में बांग्लादेश)।
  • उन्होंने वैष्णव हिंदू धर्म की एक शाखा मतुआ संप्रदाय की स्थापना की।
  • शिक्षाएँ
    • भक्ति का सिद्धांत: उन्होंने सिखाया कि ईश्वर के प्रति अटूट भक्ति, मानवता में विश्वास और जीवमात्र के प्रति प्रेम अनिवार्य है।
    • मोक्ष का मार्ग: उन्होंने प्रतिपादित ....

क्या आप और अधिक पढ़ना चाहते हैं?
तो सदस्यता ग्रहण करें
इस अंक की सभी सामग्रियों को विस्तार से पढ़ने के लिए खरीदें |

पूर्व सदस्य? लॉग इन करें


वार्षिक सदस्यता लें
सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल के वार्षिक सदस्य पत्रिका की मासिक सामग्री के साथ-साथ क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स पढ़ सकते हैं |
पाठक क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स के रूप में सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल मासिक अंक के विगत 6 माह से पूर्व की सभी सामग्रियों का विषयवार अध्ययन कर सकते हैं |

संबंधित सामग्री