कुरुंबा चित्रकला: नीलगिरि की प्राचीन जनजातीय कला

हाल ही में जनजातीय कलाकार कृष्णन राघवन (किठना) को पद्म श्री सम्मान मिलने के बाद कुरुंबा चित्रकला की विलुप्तप्राय परंपरा राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आई है।

कुरुंबा चित्रकला एक परिचय

  • उत्पत्ति
    • यह एक प्रागैतिहासिक कला है, जिसकी आयु लगभग 3000 वर्ष से अधिक मानी जाती है।
    • इसका उद्गम कुरुंबा जनजाति (Kurumba Tribe) से हुआ, जो तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक के क्षेत्रों में निवास करती है।
    • पारंपरिक रूप से यह कला नीलगिरि की पहाड़ियों में चट्टानों एवं गुफाओं की दीवारों पर बनाई जाती थी।
  • कच्चा माल एवं उपकरण
    • रंग: इन चित्रों में वनों से प्राप्त प्राकृतिक रंजकों (Pigments) का उपयोग किया जाता है। पीला-भूरा और ....

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