प्लास्टिक प्रदूषण एवं भारत
हाल ही में, नेचर जर्नल में प्रकाशित एक नए अध्ययन में पाया गया है कि भारत दुनिया में सबसे बड़ा प्लास्टिक प्रदूषक है। भारत द्वारा प्रति वर्ष 9.3 मिलियन टन (million metric tonnes - Mt) प्लास्टिक अपशिष्ट उत्सर्जित किया जाता है जो कुल वैश्विक उत्सर्जन के लगभग पांचवें हिस्से के बराबर है।
- इस अध्ययन के अनुसार, नाइजीरिया प्रति वर्ष 3.5 मीट्रिक टन प्लास्टिक का उत्पादन करता है। इसके पश्चात इंडोनेशिया का स्थान है जो 3.4 मीट्रिक टन/वर्ष प्लास्टिक का उत्पादन करता है। चीन इसमें चौथे स्थान पर है जो 2.8 मीट्रिक टन/वर्ष प्लास्टिक का उत्पादन करता है।
- ध्यातव्य है कि 2020 में ....
क्या आप और अधिक पढ़ना चाहते हैं?
तो सदस्यता ग्रहण करें
इस अंक की सभी सामग्रियों को विस्तार से पढ़ने के लिए खरीदें |
पूर्व सदस्य? लॉग इन करें
वार्षिक सदस्यता लें
सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल के वार्षिक सदस्य पत्रिका की मासिक सामग्री के साथ-साथ क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स पढ़ सकते हैं |
पाठक क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स के रूप में सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल मासिक अंक के विगत 6 माह से पूर्व की सभी सामग्रियों का विषयवार अध्ययन कर सकते हैं |
संबंधित सामग्री
- 1 टर्टल ट्रेल्स
- 2 काजीरंगा: एक-सींग वाले गैंडों का अंतिम सुरक्षित दुर्ग
- 3 डिक्लिप्टेरा पाखालिका नामक पुष्पीय पौधे की नई प्रजाति की खोज
- 4 केरल में ड्रैगनफ्लाई की नई प्रजाति की पहचान
- 5 असम के गर्भांगा रिज़र्व फ़ॉरेस्ट में चींटी की नई प्रजाति की खोज
- 6 पेरू के क्लाउड फॉरेस्ट में मेंढक की नई प्रजाति की खोज
- 7 बायोफैच 2026 में मेघालय की भागीदारी
- 8 ट्रैपडोर मकड़ी की नई प्रजाति की खोज
- 9 आर्मी ऐंट्स की दो नई प्रजातियों की खोज
- 10 लक्षद्वीप में खोजी गई ‘स्क्वाट लॉब्स्टर’ की नई प्रजाति

