सर्कुलर इकोनॉमी : सतत भविष्य की ओर भारतीय अर्थव्यवस्था का संक्रमण - संपादकीय डेस्क
चक्रीय अर्थव्यवस्था या सर्कुलर इकोनॉमी द्वारा जहां एक तरफ अकुशल या अर्द्ध-कुशल जनसंख्या हेतु रोजगार के नए अवसर उत्पन्न किये जा सकेंगे, वहीं दूसरी ओर भारतीय अर्थव्यवस्था को अधिक संसाधन कुशल भी बनाया जा सकेगा। यह देश के लोगों को पर्यावरणीय, सामाजिक और आर्थिक लाभ भी प्रदान करेगा। ऐसे में सरकार को सर्कुलर इकोनॉमी से संबंधित उचित नीति निर्माण करने की आवश्यकता है, जो उत्पाद के संग्रहण, शोधन, पुनः उत्पादन, पुनर्चक्रण और निपटान के तरीकों का स्पष्ट रूप से उल्लेख करे।
जुलाई 2023 में, केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री ने चेन्नई में चौथे G20 पर्यावरण एवं जलवायु स्थिरता कार्य ....
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