पश्चिम एशियाई संकट : भू-राजनीतिक द्वंद्व, ऊर्जा सुरक्षा और भारत के रणनीतिक सरोकार - आलोक सिंह
ईरान, इज़राइल और संयुक्त राज्य अमेरिका के मध्य गहराते टकराव ने पश्चिम एशिया को प्रत्यक्ष और छद्म युद्ध के एक बेहद अस्थिर दौर में धकेल दिया है, जिससे एक व्यापक क्षेत्रीय संघर्ष की आशंकाएं उत्पन्न हो गई हैं। महत्वपूर्ण ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर हमले और होर्मुज़ जलडमरूमध्य के आस-पास के व्यवधानों ने कच्चे तेल की कीमतों, शिपिंग लागतों और वैश्विक बाजार की अनिश्चितता में भारी उछाल ला दिया है। यह उथल-पुथल केवल भू-राजनीतिक नहीं है, बल्कि ऊर्जा सुरक्षा और आपूर्ति शृंखला की स्थिरता से गहराई से जुड़ी हुई है। उच्च आयात निर्भरता और इस क्षेत्र के साथ मजबूत संबंधों वाले ....
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