तटीय नौवहन अधिनियम, 2025
9 अगस्त, 2025 को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु द्वारा ‘तटीय नौवहन अधिनियम, 2025’ (Coastal Shipping Act, 2025) को मंजूरी दी गई।
- विधेयक के रूप में इसे 7 अगस्त, 2025 को राज्य सभा द्वारा तथा 3 अप्रैल, 2025 को लोक सभा द्वारा पारित किया गया था।
- उद्देश्य: विदेशी जहाजों पर भारत की निर्भरता को कम करना, ताकि विदेशी मुद्रा के बहिर्वाह को रोका जा सके।
- प्रयोज्यता: अधिनियम में सभी प्रकार के जहाजों को विनियमित करने का प्रावधान है, जिनमें जहाज, नौकाएं, नौकायन जहाज और मोबाइल अपतटीय ड्रिलिंग इकाइयां शामिल हैं, चाहे वे स्व-चालित हों या नहीं।
मुख्य विशेषताएं
- यह अधिनियम मर्चेंट शिपिंग अधिनियम, 1958 के ....
क्या आप और अधिक पढ़ना चाहते हैं?
तो सदस्यता ग्रहण करें
इस अंक की सभी सामग्रियों को विस्तार से पढ़ने के लिए खरीदें |
पूर्व सदस्य? लॉग इन करें
वार्षिक सदस्यता लें
सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल के वार्षिक सदस्य पत्रिका की मासिक सामग्री के साथ-साथ क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स पढ़ सकते हैं |
पाठक क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स के रूप में सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल मासिक अंक के विगत 6 माह से पूर्व की सभी सामग्रियों का विषयवार अध्ययन कर सकते हैं |
संबंधित सामग्री
- 1 रचनात्मक पूर्वन्याय: विवादों के अंतिम समाधान का सिद्धांत
- 2 जून 2026 के घटनाक्रम पर आधारित
- 3 क्रिटिकल मिनरल्स और स्वच्छ ऊर्जा संक्रमण
- 4 भारत में मानव-वन्यजीव संघर्ष
- 5 सेलुलर कृषि और संवर्धित मांस
- 6 भारत का बढ़ता रोग बोझ
- 7 जलवायु परिवर्तन और चुनाव
- 8 मरुस्थलीकरण और सूखे पर G7 घोषणा
- 9 अपशिष्ट जल प्रदूषण से समुद्री संरक्षित क्षेत्रों को खतरा
- 10 UAE का OPEC से बाहर निकलना
सार्वजनिक नीति
- 1 भारतीय पत्तन अधिनियम, 2025
- 2 व्यापारी पोत परिवहन अधिनियम, 2025
- 3 समुद्री माल ढुलाई अधिनियम, 2025
- 4 खान एवं खनिज संशोधन अधिनियम, 2025
- 5 भारतीय प्रबंधन संस्थान (संशोधन) अधिनियम, 2025
- 6 कराधान विधि (संशोधन) अधिनियम, 2025
- 7 आयकर अधिनियम, 2025
- 8 वनस्पति तेल उत्पाद, उत्पादन एवं उपलब्धता (विनियमन) संशोधन आदेश, 2025
- 9 कंप्यूटर संबंधी आविष्कारों (CRI) की जाँच के लिए संशोधित दिशानिर्देश

