वेलेजली की नीतियां एवं उनका प्रभाव
26 अप्रैल, 1798 को सर जॉन शोर के पश्चात वेलेज़ली को भारत का गवर्नर जनरल बनाया गया। वेलेजली ने अपनी विस्तारवादी नीतियों के आधार पर अंग्रेजी साम्राज्य को विस्तृत करने का लक्ष्य निर्धारित किया। वेलेजली को भारत में उनके द्वारा लागू की गई सहायक संधि के कारण व्यापक प्रसिद्धि प्राप्त है। हालांकि, भारत में सहायक संधि का सर्वप्रथम प्रयोग फ्रांसीसी गवर्नर डुप्ले द्वारा किया गया था। वेलेजली के शासनकाल में चौथा मैसूर युद्ध तथा द्वितीय आंग्ल मराठा युद्ध भी हुआ।
सहायक संधि प्रणाली (1798): इस संधि प्रणाली निम्नलिखित महत्वपूर्ण शर्ते शामिल थी:
- ब्रिटिश शासन राज्य के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप न करते ....
क्या आप और अधिक पढ़ना चाहते हैं?
तो सदस्यता ग्रहण करें
इस अंक की सभी सामग्रियों को विस्तार से पढ़ने के लिए खरीदें |
पूर्व सदस्य? लॉग इन करें
वार्षिक सदस्यता लें
सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल के वार्षिक सदस्य पत्रिका की मासिक सामग्री के साथ-साथ क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स पढ़ सकते हैं |
पाठक क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स के रूप में सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल मासिक अंक के विगत 6 माह से पूर्व की सभी सामग्रियों का विषयवार अध्ययन कर सकते हैं |
संबंधित सामग्री
- 1 भारतीय चित्रकला का विकास
- 2 गुप्तकालीन मुद्राशास्त्रीय
- 3 प्रारंभिक भारतीय शिलालेखों में तांडव नृत्य
- 4 कला रूपों में प्रतीकवाद और उत्कृष्टता
- 5 तकनीकी परिवर्तन और प्रशासन
- 6 भूगोल और इतिहास का अंतर्संबंध
- 7 जीआई टैग (GI Tags) का सांस्कृतिक महत्व
- 8 अमूर्त सांस्कृतिक विरासत (ICH) का संरक्षण और यूनेस्को की भूमिका
- 9 सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण
- 10 भारतीय समाज के मूल मूल्य

