ब्रिटिश शासन में गिरमिटिया मजदूर
19वीं और 20वीं सदी के मध्य ब्रिटिश-भारत से 1.6 मिलियन से अधिक मजदूरों को एक अग्रीमेंट के तहत (अंगूठे का निशान लगवाकर) 19 ब्रिटिश उपनिवेशों में मुख्यतः वृक्षारोपण से संबंधित काम के लिए ले जाया गया, इन्हीं मजदूरों को ‘गिरमिटिया’ (girmitiyas) मजदूर कहते हैं।
- भारत से गिरमिटिया मजदूरों के प्रवासन की शुरुआत दास प्रथा के उन्मूलन के पश्चात् ब्रिटिश उपनिवेशों में स्थापित चीनी, रबड़ आदि के बागानों में काम करने के लिये की गई थी। गिरमिटिया मजदूरों को मासिक आधार पर मजदूरी का भुगतान किया जाता था और वे उन्हीं बागानों में रहते थे, जहां वे कार्य करते थे।
प्रभाव
- संस्कृति ....
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