भारत के परिवहन क्षेत्र का विकार्बनीकरण
भारत के परिवहन क्षेत्र का विकार्बनीकरण (Decarbonisation) देश की जलवायु एवं विकास रूपरेखा में एक रणनीतिक प्राथमिकता के रूप में उभर रहा है। वाहनों की बढ़ती संख्या, माल ढुलाई की मांग तथा शहरी विस्तार के कारण परिवहन से होने वाला उत्सर्जन तेजी से बढ़ रहा है, जो धारणीयता एवं ऊर्जा सुरक्षा दोनों के लिए चुनौती प्रस्तुत करता है। यद्यपि विद्युतीकरण, ईंधन दक्षता और परिवहन साधनों के रूपांतरण से जुड़ी नीतियाँ धीरे-धीरे जड़ें जमा रही हैं, फिर भी खंडित अवसंरचना, व्यवहारगत जड़ता और राष्ट्रीय रोडमैप की अनुपस्थिति अब भी प्रगति की राह में बड़ी रुकावट बनी हुई हैं। इन खाइयों को ....
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