केरल–तमिलनाडु श्वेत पत्र: राज्यों की वित्तीय स्थिति पर बहस

हाल ही में केरल और तमिलनाडु सरकारों द्वारा जारी श्वेत पत्र (White Paper) में राज्यों के बढ़ते सार्वजनिक ऋण को गंभीर चिंता का विषय बताया गया। इससे राज्यों की वित्तीय स्थिति और संघीय ढाँचे में राजकोषीय असंतुलन पर बहस तेज हो गई है।

राज्यों पर बढ़ते कर्ज का कारण

  • भारतीय संघीय व्यवस्था में कर संग्रहण की प्रमुख शक्तियाँ केंद्र के पास हैं, जबकि स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, सिंचाई एवं सामाजिक कल्याण जैसे अधिकांश व्यय राज्यों को करना पड़ता है।
  • राज्यों की आय मुख्यतः राज्य GST (SGST), अन्य करों तथा केंद्र से कर-वितरण एवं अनुदान पर निर्भर करती है।
  • आय और व्यय ....
क्या आप और अधिक पढ़ना चाहते हैं?
तो सदस्यता ग्रहण करें
इस अंक की सभी सामग्रियों को विस्तार से पढ़ने के लिए खरीदें |

पूर्व सदस्य? लॉग इन करें


वार्षिक सदस्यता लें
सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल के वार्षिक सदस्य पत्रिका की मासिक सामग्री के साथ-साथ क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स पढ़ सकते हैं |
पाठक क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स के रूप में सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल मासिक अंक के विगत 6 माह से पूर्व की सभी सामग्रियों का विषयवार अध्ययन कर सकते हैं |

संबंधित सामग्री