संप्रभु क्रेडिट रेटिंग पर भारत की आपत्ति

हाल ही में वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने वैश्विक संप्रभु क्रेडिट रेटिंग एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर प्रश्न उठाते हुए कहा कि उनकी रेटिंग भारत के प्रति निष्पक्ष नहीं रही है। उन्होंने भारतीय एजेंसी CareEdge Ratings की वस्तुनिष्ठ (Objective) पद्धति की सराहना की।

संप्रभु क्रेडिट रेटिंग क्या है?

  • यह किसी देश की ऋण चुकाने की क्षमता (Ability) और इच्छाशक्ति (Willingness) का आकलन करती है।
  • प्रमुख वैश्विक एजेंसियाँ हैं— S&P, Moody’s और Fitch।
  • बेहतर रेटिंग मिलने पर देश को कम ब्याज दर पर अंतरराष्ट्रीय बाजार से ऋण प्राप्त होता है।

भारत की प्रमुख आपत्तियाँ

  • भारत को लंबे समय तक ....
क्या आप और अधिक पढ़ना चाहते हैं?
तो सदस्यता ग्रहण करें
इस अंक की सभी सामग्रियों को विस्तार से पढ़ने के लिए खरीदें |

पूर्व सदस्य? लॉग इन करें


वार्षिक सदस्यता लें
सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल के वार्षिक सदस्य पत्रिका की मासिक सामग्री के साथ-साथ क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स पढ़ सकते हैं |
पाठक क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स के रूप में सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल मासिक अंक के विगत 6 माह से पूर्व की सभी सामग्रियों का विषयवार अध्ययन कर सकते हैं |

संबंधित सामग्री