स्वास्थ्य और चिकित्सा विज्ञान
पल्मोनरी और एक्स्ट्रापल्मोनरी टीबी (पॉट्स रोग)
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विषय-बिंदु |
विवरण |
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परिचय |
तपेदिक (TB) माइकोबैक्टीरियम ट्यूबरकुलोसिस के कारण होता है। फेफड़ों को प्रभावित करने वाली टीबी 'पल्मोनरी' कहलाती है। जब यह फेफड़ों से बाहर अन्य अंगों में फैलती है, तो उसे 'एक्स्ट्रापल्मोनरी टीबी' कहते हैं। रीढ़ की हड्डी (Spine) की टीबी को 'पॉट्स रोग' (Pott's Disease) कहा जाता है। |
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तकनीक |
जीनएक्सपर्ट (GeneXpert Ultra), ट्रूनैट (TrueNat - स्वदेशी पीसीआर), डिजिटल छाती एक्स-रे (AI-संचालित), और रीढ़ की हड्डी के लिए उन्नत एमआरआई (MRI)। |
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अनुप्रयोग |
सटीक निदान और लक्षित चिकित्सा: पल्मोनरी टीबी का निदान बलगम (Sputum) की जांच से होता है, लेकिन पॉट्स रोग (रीढ़ की टीबी) का निदान अत्यधिक जटिल है। इसका मुख्य अनुप्रयोग .... |
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