वैकल्पिक ऊर्जा
ITER (परमाणु संलयन परियोजना) और भारत का योगदान
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श्रेणी |
विवरण |
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परिचय |
पूरा नाम: इंटरनेशनल थर्मोन्यूक्लियर एक्सपेरिमेंटल रिएक्टर (ITER)। उद्देश्य: नाभिकीय संलयन (Nuclear Fusion) के माध्यम से असीमित और स्वच्छ ऊर्जा का उत्पादन। स्थान: कदरचे (Cadarache), फ्रांस। सहभागिता: भारत 2005 से इस 7-सदस्यीय वैश्विक परियोजना का हिस्सा है। |
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तकनीक |
टोकामक (Tokamak): एक विशाल चुंबकीय पात्र जो प्लाज्मा को नियंत्रित करता है। यह जापान के JT-60SA से दोगुना बड़ा है। नाभिकीय संलयन: दो हल्के नाभिकों को जोड़कर भारी नाभिक बनाना (सूरज की प्रक्रिया)। क्रायोस्टेट (Cryostat): दुनिया का सबसे बड़ा स्टेनलेस स्टील उच्च-निर्वात चैंबर (30m x 30m, 3850 टन)। शीतलन प्रणाली: रिएक्टर कोर को -150°C तक ठंडा रखने के लिए 'थर्मस फ्लास्क' तकनीक। |
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महत्व |
स्वच्छ ऊर्जा: कार्बन .... |
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