स्पेस आधारित इंटरनेट (स्पेस-एक्स)

11 नवंबर, 2019 को स्पेस-एक्स ने फ्लोरिडा के केप केनवेरल एयर फोर्स स्टेशन से फॉल्कन-9 रॉकेट द्वारा 60 मिनी स्टारलिंक इंटरनेट सैटेलाइट्स को लांच किया। यह उपग्रह स्पेस एक्स की फ्स्टार लिंकय् परियोजना का हिस्सा है। इस राकेट ने उपग्रहों को 550 किलोमीटर की ऊंचाई पर स्थापित किया। स्टार लिंक समूह में 800 से अधिक उपग्रह एक्टिवेट होने पर यह ऑपरेशनल हो जायेगा। स्टार लिंक प्रोजेक्ट के अंतर्गत स्पेस-एक्स ने अन्तरिक्ष में 12,000 संचार उपग्रह स्थापित करने की योजना बनाई है। इसके द्वारा विश्व भर में हाई-स्पीड इन्टरनेट की सुविधा प्रदान की जायेगी। यह 60 स्टारलिंग इंटरनेट उपग्रहों का दूसरा मिशन है। इससे पूर्व मई, 2019 में 60 उपग्रहों का पहला मिशन लांच किया गया था।

उद्देश्य

  • दुनिया भर में आबादी वाले इलाकों तक इंटरनेट पहुंचाना।
  • स्पेस-एक्स अंतरिक्ष में भेजे जाने वाले रॉकेट में ऐसे बूस्टर इस्तेमाल कर रही है, जिन्हें बार-बार (10 बार) उपयोग में लाया जा सकता है।
  • हर उपग्रह में स्वचालित (ऑटोमैटिक) मशीनें लगी हुई हैं, जिससे वह अंतरिक्ष में पहुंचने के बाद वहां फैले कचरे से खुद को सुरक्षित रख सकता है।
  • अंतिरक्ष परिवहन की लागत को कम करने के लिए स्पेस-एक्स ने री-यूजेबल रॉकेट्स (पुनः इस्तेमाल किये जा सकने वाले राकेट) निर्मित किये हैं।

स्पेस-एक्स

  • एक निजी अमेरिकी अन्तरिक्ष एजेंसी है। इसकी स्थापना एलोन मस्क द्वारा 6 मई, 2002 को की गयी थी।
  • इस अन्तरिक्ष एजेंसी की स्थापना का प्रमुख उद्देश्य अन्तरिक्ष परिवहन की लागत कम करना तथा मंगल ग्रह पर मानव बस्ती की स्थापना करना है।