मीडिया, प्राकृतिक या कृत्रिम जनमत का माध्यम है।
मीडिया जहां लोकतंत्र का चतुर्थ स्तंभ है वहीं जनमत समूचे लोकतंत्र की बुनियाद। लोकतंत्र जिसे ‘जनता की, जनता द्वारा, जनता के लिए सरकार’ कहा जाता है, में "जनता की" पद का सीधा अर्थ है कि यह अपने मत के द्वारा सरकार का अस्तित्व निर्धारित करती है। रही बात मीडिया की तो व्यापक स्तर पर यह पूरे देश की जनता के साथ संप्रेषण का एक माध्यम है। जब मीडिया का प्रभाव व उसकी उपस्थिति एक समय में, एक साथ पूरे देश के मानस पटल पर पाई जाती है तो नागरिकों के विचारों, भावनाओं, आवश्यकताओं को जानने, समझने और अभिव्यक्ति का ....
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