भारतीय उद्योग परिसंघ द्वारा जारी राजकोषीय प्रदर्शन सूचकांक
5 जून, 2019 को भारतीय उद्योग परिसंघ (Confederation of Indian Industry - CII) ने केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा प्रस्तुत बजट की गुणवत्ता का आकलन करने के लिये एक ‘राजकोषीय प्रदर्शन सूचकांक’ (Fiscal Performance Index – FPI) प्रस्तुत किया है।
सूचकांक के मुख्य संकेतक
- राजकोषीय प्रदर्शन का प्रस्तावित समग्र सूचकांक सरकार की बजट की गुणवत्ता के आकलन को लेकर इन महत्वपूर्ण संकेतकों पर आधारित है।
- इसमें राजस्व व्यय की गुणवत्ता, पूंजी व्यय की गुणवत्ता, राजस्व की गुणवत्ता, राजकोषीय समझदारी का स्तर, जीडीपी के अनुपात के रूप में राजकोषीय घाटा और कर्ज सूचकांक शामिल हैं।
संकेतकों के आकलन की पद्धति ....
क्या आप और अधिक पढ़ना चाहते हैं?
तो सदस्यता ग्रहण करें
इस अंक की सभी सामग्रियों को विस्तार से पढ़ने के लिए खरीदें |
पूर्व सदस्य? लॉग इन करें
वार्षिक सदस्यता लें
सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल के वार्षिक सदस्य पत्रिका की मासिक सामग्री के साथ-साथ क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स पढ़ सकते हैं |
पाठक क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स के रूप में सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल मासिक अंक के विगत 6 माह से पूर्व की सभी सामग्रियों का विषयवार अध्ययन कर सकते हैं |
संबंधित सामग्री
- 1 रुपये का अवमूल्यन: कारण, प्रभाव एवं RBI की भूमिका
- 2 MSCI रीबैलेंसिंग और भारतीय शेयर बाजार पर इसका प्रभाव
- 3 WPI से PPI: आर्थिक आँकड़ों की नई परिभाषा
- 4 सरकारी बॉन्ड में विदेशी निवेशकों को कर छूट
- 5 आरबीआई की मौद्रिक नीति: रेपो दर 5.25% पर बरकरार
- 6 FCNR(B) जमा योजना: विदेशी मुद्रा प्रवाह बढ़ाने की RBI की नई पहल
- 7 रिकॉर्ड रेमिटेंस: प्रवासी भारतीयों से भारत को 110 अरब डॉलर
- 8 सकल FDI बनाम शुद्ध FDI
- 9 सेबी के नए सुधार: पूंजी बाज़ार को मिलेगी नई गति
- 10 आरबीआई का रिकॉर्ड अधिशेष हस्तांतरण
- 1 भारतीय रिजर्व बैंक ने रेपो रेट में 0.25% की कटौती की
- 2 लिब्रा: फेसबुक का नया क्रिप्टोकरेंसी
- 3 आरबीआई द्वारा एनपीए के समाधान के लिए नवीनतम मानदंड जारी
- 4 भुगतान संबंधी डेटा का संचयन भारत में होगा
- 5 सॉवरेन स्वर्ण बॉन्ड योजना 2019-20
- 6 राष्ट्रीय लॉजिस्टिक्स नीति के मसौदे की समीक्षा
- 7 राष्ट्रीय मालभाड़ा सूचकांक
- 8 नम्मा कोल्हापुरी चप्पल को जीआई टैग
- 9 आवास वित्त प्रतिभूतिकरण बाजार के विकास पर समिति का गठन

