शुल्क रहित डिजिटल भुगतान
50 करोड़ रुपये से अधिक के सालाना कारोबार वाले व्यवसायों को 1 नवंबर, 2019 से अपने ग्राहकों को भुगतान के लिए इलेक्ट्रॉनिक मोड का विकल्प अनिवार्य रूप से पेश करना होगा।
- डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने की दिशा में वित्त मंत्रलय द्वारा 18 अक्टूबर, 2019 को यह घोषणा की गई।
- व्यापारियों या ग्राहकों द्वारा व्यवसायों को किए गए डिजिटल भुगतान पर बैंक या सिस्टम प्रदाता उत्तफ़ तिथि से शुल्क या ‘मर्चेंट डिस्काउंट रेट’ (Merchant Discount Rate) आरोपित नहीं करेंगे।
- इसके अतिरिक्त केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) द्वारा जारी एक नोटिस में, भुगतान और निपटान प्रणाली अधिनियम 2007 के तहत अधिकृत भुगतान संचालन करने ....
क्या आप और अधिक पढ़ना चाहते हैं?
तो सदस्यता ग्रहण करें
इस अंक की सभी सामग्रियों को विस्तार से पढ़ने के लिए खरीदें |
पूर्व सदस्य? लॉग इन करें
वार्षिक सदस्यता लें
सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल के वार्षिक सदस्य पत्रिका की मासिक सामग्री के साथ-साथ क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स पढ़ सकते हैं |
पाठक क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स के रूप में सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल मासिक अंक के विगत 6 माह से पूर्व की सभी सामग्रियों का विषयवार अध्ययन कर सकते हैं |
संबंधित सामग्री
- 1 राष्ट्रीय सहकारी चीनी मिल महासंघ लिमिटेड (NFCSF)
- 2 निवेशक शिक्षा एवं संरक्षण कोष प्राधिकरण (IEPFA)
- 3 SIDBI में ₹5,000 करोड़ के इक्विटी निवेश को मंज़ूरी
- 4 PSGICs, NABARD और RBI के लिए वेतन और पेंशन में संशोधन
- 5 BIS का स्थापना दिवस नई पहलों के साथ मनाया गया
- 6 इंडिया एनर्जी वीक 2026
- 7 भारत बना विश्व का सबसे बड़ा चावल उत्पादक
- 8 क्रेडिट असेसमेंट मॉडल
- 9 संपन्न (SAMPANN)
- 10 करन फ्राइज़ और वृन्दावनी गोवंश नस्लें
- 1 आरबीआई की राज्य-स्तरीय बजट रिपोर्ट
- 2 आईएमएफ कोटा में सुधार आवश्यक
- 3 भुगतान सेवाओं हेतु जीईएम व फेडरल बैंक के मध्य समझौता
- 4 सीबीडीटी द्वारा 300 अग्रिम मूल्य निर्धारण समझौतों पर हस्ताक्षर
- 5 भीम 2-0 का अनावरण
- 6 बीएसएनएल व एमटीएनएल का विलय
- 7 समुद्री राज्य विकास परिषद की 17वीं बैठक
- 8 ऑटोमैटिक एक्सचेंज ऑफ इनफॉर्मेशन फ्रेमवर्क
- 9 राजस्थान द्वारा न्यूमोकोनिओसिस फंड के निर्माण की घोषणा

