सतत विकास का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण के जरिये ही प्राप्त किया जा सकता है
विवेक उपाध्याय
दिल्ली की चमचमाती सड़कों, फ्लाइओवर, दमकते बाजार, सत्ता के तेज के बीच मास्क लगाए हुए लोगों को देखकर ऐसा लगता है कि राष्ट्रीय राजधानी का वैभव, शक्ति नेतृत्व, साधन-संसाधन नागरिकों को सांस लेने के लायक हवा की आपूर्ति भी नहीं कर पा रहे हैं। ऐसी पर्यावरणीय स्थिति में विकास के सभी प्रतिमानों की कलई खुल जाती है। संदेश स्पष्ट हो जाता है कि बिना स्वच्छ पर्यावरण के समस्त भौतिक प्राप्तियां निरर्थक हैं।
आवश्यक नहीं है कि पर्यावरणीय संकट इस प्रकार धीरे-धीरे ही अपना असर दिखाए, यह आकस्मिक तथा अप्रत्याशित भी हो सकता है; जैसे ....
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