हेली-क्लिनिक
29 नवंबर, 2018 को केन्द्रीय पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ने दूरदराज के क्षेत्रों के लिए ‘हेली-क्लिनिक’ शुरू करने का प्रस्ताव रखा है। ‘हेली-क्लिनिक’ वस्तुतः विभिन्न राज्यों जैसे कि जम्मू-कश्मीर और पूर्वोत्तर राज्यों के दुर्गम पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की विशेष चिकित्सीय देख-भाल सुनिश्चित करने में काफी सहायक होगा।
स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने हेतु किये गए सरकारी प्रयास
- प्रत्येक जिला अस्पताल में डायलिसिस केन्द्र खोलना, आरोग्य (वेलनेस) केन्द्र की स्थापना करना और ‘आयुष्मान भारत’ का शुभारंभ किया जाना इनमें शामिल हैं।
- उन्होंने दूरदराज के ग्रामीण क्षेत्रों की ओर उन्मुख होने के लिए चिकित्सा विशेषज्ञों (प्रैक्टिशनर) को प्रोत्साहन देने और ग्रामीण क्षेत्रों में ....
क्या आप और अधिक पढ़ना चाहते हैं?
तो सदस्यता ग्रहण करें
इस अंक की सभी सामग्रियों को विस्तार से पढ़ने के लिए खरीदें |
पूर्व सदस्य? लॉग इन करें
वार्षिक सदस्यता लें
सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल के वार्षिक सदस्य पत्रिका की मासिक सामग्री के साथ-साथ क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स पढ़ सकते हैं |
पाठक क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स के रूप में सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल मासिक अंक के विगत 6 माह से पूर्व की सभी सामग्रियों का विषयवार अध्ययन कर सकते हैं |
संबंधित सामग्री
- 1 समुद्री चोक पॉइंट्स: व्यापार, ऊर्जा सुरक्षा और भू-राजनीति के निर्णायक द्वार
- 2 ऑनलाइन गेमिंग नियम, 2026: उभरते डिजिटल क्षेत्र का समग्र नियामक ढांचा
- 3 दल-बदल विरोधी कानून: प्रासंगिकता, खामियां और सुधार की आवश्यकता
- 4 औद्योगिक आपदाएं: कारण, लागत और समाधान
- 5 एआई के उद्भव का प्रभाव: असीम संभावनाओं की राह और जोखिमपूर्ण चुनौतियां
- 6 जल-कुशल फसल नवाचार द्वारा भूजल दबाव का न्यूनीकरण
- 7 जलवायु परिवर्तनशीलता और निर्धनता का अंतर्संबंध: भारत में उभरती बहुआयामी चुनौती
- 8 भारत में खाद्य अपव्यय का विरोधाभास: भूख से जूझते भारत में संसाधनों की विडंबना
- 9 भारत में लुप्त होती झीलें: सामाजिक-पारिस्थितिक स्थिरता के लिए एक खतरा
- 10 बाह्य अंतरिक्ष शासन: वैश्विक शक्ति-संतुलन का उभरता क्षेत्र

