करतारपुर साहिब कॉरिडोर
- 22 नवंबर, 2018 को केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने गुरदासपुर जिले में डेरा बाबा नानक से अंतर्राष्ट्रीय सीमा तक ‘करतारपुर गलियारे’ के निर्माण और उसके विकास को मंजूरी दे दी ताकि भारत से तीर्थ यात्री आसानी से पाकिस्तान में रावी नदी के तट पर स्थित गुरुद्वारा दरबार साहिब करतारपुर जा सकें जहां गुरुनानक देवजी ने अपने जीवन के 18 वर्ष बिताए थे। इसके बाद तीर्थ यात्री पूरे वर्ष इस पवित्र गुरुद्वारे में जा सकेंगे।
मुख्य तथ्य
- करतारपुर गलियारे का कार्य सरकार की सहायता से एक संयुक्त विकास परियोजना के रूप में किया जाएगा ताकि सभी आधुनिक सुविधाओं वाले इस मार्ग से तीर्थ ....
क्या आप और अधिक पढ़ना चाहते हैं?
तो सदस्यता ग्रहण करें
इस अंक की सभी सामग्रियों को विस्तार से पढ़ने के लिए खरीदें |
पूर्व सदस्य? लॉग इन करें
वार्षिक सदस्यता लें
सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल के वार्षिक सदस्य पत्रिका की मासिक सामग्री के साथ-साथ क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स पढ़ सकते हैं |
पाठक क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स के रूप में सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल मासिक अंक के विगत 6 माह से पूर्व की सभी सामग्रियों का विषयवार अध्ययन कर सकते हैं |
संबंधित सामग्री
- 1 केरल: ओणम एवं उथ्रादम उत्सव
- 2 पिथौरा पेंटिंग को जीआई टैग
- 3 कम-प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों में सांस्कृतिक विरासत और पर्यटन
- 4 भोपाल ब्रिक्स संस्कृति मंत्रियों की बैठक: सांस्कृतिक सहयोग का नया अध्याय
- 5 सांस्कृतिक विरासत तक डिजिटल पहुंच: भारतीय संस्कृति पोर्टल 2.0
- 6 सूर्यपथ तिरंगा ग्लोबल रिले: 40 देशों की प्रतीकात्मक यात्रा
- 7 राष्ट्रीय सांस्कृतिक मानचित्रण मिशन: 'मेरा गांव मेरी धरोहर'
- 8 कला संस्कृति विकास योजना (KSVY): भारतीय विरासत का डिजिटल और आर्थिक संरक्षण
- 9 विदेशों में भारतीय संस्कृति का संवर्धन एवं वैश्विक सहभागिता
- 10 सारनाथ: यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में भारत की 45वीं उपलब्धि

