अंडमान सेंटिनेल जनजाति
- 17 नवंबर, 2018 को अंडमान-निकोबार द्वीप समूह के नॉर्थ सेंटिनल (North Sentinel) द्वीप पर अमेरिकी नागरिक की मौत ने एक बार फिर से इस आदिम जनजाति के क्षेत्र में प्रवेश के गंभीर परिणामों को दुनिया के सामने ला दिया है।
- गौरतलब है कि यह नागरिक मछुआरों की मदद से इस क्षेत्र में प्रवेश की कोशिश में लगा था।
कौन है सेंटिनेल जनजाति ?
- यह नॉर्थ सेंटिनल द्वीप में रहनेवाली एक संकटग्रस्त भारतीय जनजाति है। ऐसा अनुमान है कि बाहरी दुनिया से पूरी तरह कटे सेंटिनेल द्वीप पर रहने वाले इन आदिवासियों की संख्या 100 से भी कम है।
- हालांकि 2011 की जनगणना ....
क्या आप और अधिक पढ़ना चाहते हैं?
तो सदस्यता ग्रहण करें
इस अंक की सभी सामग्रियों को विस्तार से पढ़ने के लिए खरीदें |
पूर्व सदस्य? लॉग इन करें
वार्षिक सदस्यता लें
सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल के वार्षिक सदस्य पत्रिका की मासिक सामग्री के साथ-साथ क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स पढ़ सकते हैं |
पाठक क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स के रूप में सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल मासिक अंक के विगत 6 माह से पूर्व की सभी सामग्रियों का विषयवार अध्ययन कर सकते हैं |
संबंधित सामग्री
- 1 जी-7 में भारत: बदलती पश्चिमी दुनिया और नई रणनीति
- 2 भारत के सेमीकंडक्टर उद्योग का भविष्य
- 3 अध्यादेश और न्यायिक स्वतंत्रता
- 4 दिव्यांगजनों के लिए समान व्यवहार और अधिकार
- 5 अंतरिक्ष में कक्षीय प्रतिद्वंद्विता
- 6 जनसांख्यिकीय परिवर्तनों पर उच्च स्तरीय समिति : राष्ट्रीय सुरक्षा और अवैध प्रवासन का नया विमर्श
- 7 EV क्रांति और ऊर्जा अवसंरचना की चुनौती
- 8 कार्बन बॉर्डर एडजस्टमेंट मैकेनिज्म और भारत के समक्ष चुनौतियाँ
- 9 अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति आरक्षण में क्रीमी लेयर बहस
- 10 बढ़ती गर्म रातें : भारत में उभरता नया हीट संकट

