संविधान की 10वीं अनुसूची: दल-बदल विरोधी कानून
6 मई, 2019 को सुप्रीम कोर्ट ने तमिलनाडु विधानसभा अध्यक्ष पी. धनपाल द्वारा ‘पार्टी विरोधी गतिविधियों’ के लिए ऑल इंडिया अन्नाद्रविड़ मुनेत्र कड़गम (अन्नाद्रमुक) के तीन विधायकों को अयोग्य करार देने की कार्यवाही पर रोक लगा दी। उल्लेखनीय है कि तमिलनाडु विधानसभा के अध्यक्ष पी. धनपाल ने इन अन्नाद्रमुक विधायकों को बागी पार्टी नेता टी.टी.वी. दिनाकरण का समर्थन करने के लिए नोटिस जारी किया था।
मुद्दा क्या है?
- विधायकों ने सर्वोच्च न्यायालय से अनुरोध किया था कि वह स्पीकर को पार्टी विरोधी गतिविधियों के लिए अयोग्य करार देने की कार्यवाही पर रोक लगाने का आदेश जारी करें। उन्होंने ....
क्या आप और अधिक पढ़ना चाहते हैं?
तो सदस्यता ग्रहण करें
इस अंक की सभी सामग्रियों को विस्तार से पढ़ने के लिए खरीदें |
पूर्व सदस्य? लॉग इन करें
वार्षिक सदस्यता लें
सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल के वार्षिक सदस्य पत्रिका की मासिक सामग्री के साथ-साथ क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स पढ़ सकते हैं |
पाठक क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स के रूप में सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल मासिक अंक के विगत 6 माह से पूर्व की सभी सामग्रियों का विषयवार अध्ययन कर सकते हैं |
संबंधित सामग्री
- 1 आदिलाबाद में बुद्ध परिनिर्वाण और बहु-धार्मिक पाषाण स्तंभ की खोज
- 2 राइज (RISE) कॉन्क्लेव 2026: नवाचार और उद्यमिता का नया संगम
- 3 भारत का हरित हाइड्रोजन प्रमाणन पोर्टल
- 4 लद्दाख में दो उच्च ऊंचाई वाले पुष्प क्षेत्रों की स्थापना
- 5 नीति आयोग की आठवीं 'ट्रेड वॉच त्रैमासिक' रिपोर्ट
- 6 NAFED और NCCF द्वारा दलहन एवं तिलहन की सीधी खरीद
- 7 भारत का 100 GW पंप्ड स्टोरेज क्षमता का लक्ष्य (2035-36)
- 8 पासपोर्ट नागरिकता का निर्णायक प्रमाण नहीं: केंद्र सरकार
- 9 आंध्र प्रदेश अपशिष्ट जल पुन: उपयोग नीति: एक विश्लेषण
- 10 नशीली दवाओं के नियंत्रण पर विज़न दस्तावेज़ (2026-2029) जारी

