क्राइस्टचर्च कॉल टू एक्शन
भारत ने 15 मई, 2019 को ‘क्राइस्टचर्च कॉल टू एक्शन’ (Christchurch Call To Action) नामक समझौते पर हस्ताक्षर किए। यह पहल भारत, फ्रांस, न्यूजीलैंड, कनाडा एवं कई अन्य देशों द्वारा शुरू की गई। इस समझौते का उद्देश्य चरमपंथियों द्वारा इंटरनेट का दुरुपयोग रोकना है।
- अंतरराष्ट्रीय पहलः ‘क्राइस्टचर्च कॉल टू एक्शन’- का नाम न्यूजीलैंड के शहर के नाम पर रखा गया है जहां 15 मार्च, 2019 को मस्जिदों पर हुए हमलों में 51 लोग मारे गए थे।
- क्राइस्टचर्च कॉल टू एक्शन समिटः समझौते पर हस्ताक्षर फ्रांस के पेरिस में 15 मई, 2019 को आयोजित एक सम्मलेन के दौरान किये गए, जिसकी सह-अध्यक्षता न्यूजीलैंड ....
क्या आप और अधिक पढ़ना चाहते हैं?
तो सदस्यता ग्रहण करें
इस अंक की सभी सामग्रियों को विस्तार से पढ़ने के लिए खरीदें |
पूर्व सदस्य? लॉग इन करें
वार्षिक सदस्यता लें
सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल के वार्षिक सदस्य पत्रिका की मासिक सामग्री के साथ-साथ क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स पढ़ सकते हैं |
पाठक क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स के रूप में सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल मासिक अंक के विगत 6 माह से पूर्व की सभी सामग्रियों का विषयवार अध्ययन कर सकते हैं |
संबंधित सामग्री
- 1 क्वाड (Quad) विदेश मंत्रियों की बैठक 2026
- 2 भारत–अमेरिका क्रिटिकल मिनरल्स फ्रेमवर्क : आपूर्ति शृंखला सुरक्षा की नई पहल
- 3 भारत–नेपाल सीमा विवाद: कूटनीति, इतिहास और नई बहस
- 4 भारत–ओमान व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौता
- 5 PoK में बढ़ता जनाक्रोश
- 6 भारत–फ्रांस: रणनीतिक साझेदारी की नई ऊँचाई
- 7 भारतीय नाविकों पर बढ़ता वैश्विक खतरा
- 8 भारत–स्लोवाकिया संबंध: व्यापक साझेदारी की नई शुरुआत
- 9 भारत–रूस RELOS: रणनीतिक मायने
- 10 ब्रिटेन के प्रधानमंत्री के इस्तीफे के संवैधानिक और राजनीतिक निहितार्थ

