सेवा व्यापार प्रतिबंध सूचकांक
हाल ही में भारत के वाणिज्य मंत्रालय द्वारा कराए गए अध्ययन से पता चला है कि वर्तमान में सेवा व्यापार प्रतिबंध सूचकांक (Services Trade Restrictiveness Index - STRI) के लिए अपनाई जाने वाली पद्धति पक्षपातपूर्ण है। उल्लेखनीय है कि इस सूचकांक में सेवा व्यापार नीतियों के आधार पर विभिन्न देशों को रैंकिंग प्रदान की जाती है। वर्ष 2018 के सूचकांक में कुल 45 अर्थव्यवस्थाओं (36 ओईसीडी और बाकी गैर-ओईसीडी) तथा 22 सेक्टर शामिल हैं।
मुख्य तथ्य
- STRI का आरंभः सेवा व्यापार प्रतिबंध सूचकांक (STRI) वर्ष 2014 में आरंभ किया गया और आर्थिक सहयोग एवं विकास संगठन (OECD) द्वारा गणना की ....
क्या आप और अधिक पढ़ना चाहते हैं?
तो सदस्यता ग्रहण करें
इस अंक की सभी सामग्रियों को विस्तार से पढ़ने के लिए खरीदें |
पूर्व सदस्य? लॉग इन करें
वार्षिक सदस्यता लें
सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल के वार्षिक सदस्य पत्रिका की मासिक सामग्री के साथ-साथ क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स पढ़ सकते हैं |
पाठक क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स के रूप में सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल मासिक अंक के विगत 6 माह से पूर्व की सभी सामग्रियों का विषयवार अध्ययन कर सकते हैं |
संबंधित सामग्री
- 1 इलेक्ट्रिसिटी 2026 रिपोर्ट
- 2 यूएन विमेन की रिपोर्ट में भारत की ‘आर्टिज़न्स ऑफ़ चेंज’ परियोजना का उल्लेख
- 3 ग्लोबल विंड एंड सोलर 2025: द G7 गैप
- 4 विमेन, बिज़नेस एंड द लॉ 2026
- 5 विकसित भारत और नेट जीरो की ओर परिदृश्य
- 6 नेट ज़ीरो 2070 की दिशा में भारत के अपशिष्ट क्षेत्र का पुनर्संरचना दृष्टिकोण
- 7 “टेक्नोलॉजी सर्विसेज–रीइमैजिनेशन अहेड” पर 10-वर्षीय रोडमैप
- 8 प्रशिक्षुता पारितंत्र के पुनरुद्धार पर नीति आयोग की रिपोर्ट
- 9 रुपे एवं भीम‑UPI लेनदेन प्रोत्साहन योजना का प्रभाव विश्लेषण
- 10 ग्लोबल इकोनॉमिक प्रोस्पेक्ट्स रिपोर्ट

