भारत पोषण लक्ष्यों को पूरा करने में पिछड़ सकता है:वैश्विक पोषण रिपोर्ट
हाल ही में वैश्विक पोषण रिपोर्ट (Global Nutrition Report)2020 का जारी की गयी। वर्ष 2013 में सम्पन्न ‘न्यूट्रीशन फॉर ग्रोथ इनिशिएटिव समिट’ (N4G) के बाद इसकी कल्पना की गई थी और इसे 2014 में पहली बार प्रकाशित किया गया था।
यह रिपोर्ट विश्वभर में पोषण के प्रति सरकारों, सहायता प्रदान करने वालों, सिविल सोसाइटियों, संयुक्त राष्ट्र एवं व्यवसाय जगत के 100 हितधारकों की प्रतिबद्धता पर नज़र रखने के लिए एक तंत्र के रूप में काम करती है।
वैश्विक पोषण लक्ष्य
- विश्व स्वास्थ्य सभा ने 2012 में माताओं, शिशुओं और किशोरों के लिए पोषण के 6 पोषण लक्ष्यों को निर्धारित किया था। ....
क्या आप और अधिक पढ़ना चाहते हैं?
तो सदस्यता ग्रहण करें
इस अंक की सभी सामग्रियों को विस्तार से पढ़ने के लिए खरीदें |
पूर्व सदस्य? लॉग इन करें
वार्षिक सदस्यता लें
सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल के वार्षिक सदस्य पत्रिका की मासिक सामग्री के साथ-साथ क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स पढ़ सकते हैं |
पाठक क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स के रूप में सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल मासिक अंक के विगत 6 माह से पूर्व की सभी सामग्रियों का विषयवार अध्ययन कर सकते हैं |
संबंधित सामग्री
- 1 पर्यावरण प्रदर्शन सूचकांक 2026: भारत की रैंकिंग और चुनौतियाँ
- 2 आर्कटिक और अंटार्कटिक क्षेत्रों में भारत की भूमिका: संसदीय रिपोर्ट
- 3 संसदीय स्थायी समिति की रिपोर्ट: आपदा प्रबंधन ढांचे में सुधार
- 4 गहरे समुद्र और दूरवर्ती जल मत्स्य संसाधन (विजन 2047)
- 5 भारत में कौशल अंतराल और सुधार की राह: नीति आयोग
- 6 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों हेतु प्रदर्शन ग्रेडिंग सूचकांक (PGI) 2.0 (2025-26)
- 7 IMF वर्ल्ड इकोनॉमिक आउटलुक 2026: भारतीय अर्थव्यवस्था का वैश्विक परिप्रेक्ष्य
- 8 निवेश मित्रता सूचकांक (IFI) 2026: राज्यों में निवेश और विकास का नया पैमाना
- 9 डिजिटल थ्रेट रिपोर्ट 2025-26: साइबर सुरक्षा की नई चुनौतियाँ और रणनीतियाँ
- 10 सेवा उत्पादन सूचकांक (ISP): भारतीय अर्थव्यवस्था की नई गणना पद्धति

