चिनूक हेलीकॉप्टर वायु सेना में शामिल
सामरिक एयरलिफ्ट क्षमता में महत्वपूर्ण इजाफा करते हुए, भारत ने 4 चिनूक सीएच-47एफ (आई) हेवी-लिफ्ट हेलीकॉप्टरों [Chinook CH-47F(I) heavy-lift helicopters], को वायु सेना में शामिल किया। इन्हें चंडीगढ़ स्थित एयरफोर्स स्टेशन में 25 मार्च, 2019 को शामिल किया गया। हाई टेक्नोलॉजी से लैस चिनूक पहाड़ी इलाकों पर भारी सामान ले जाने में सक्षम है।
- क्षमता एवं अनुप्रयोगः अमेरिका द्वारा विकसित चिनूक एडवांस्ड मल्टी मिशन हेलीकॉप्टर (advanced multi-mission helicopter) हैं, जिससे सैनिकों, तोपखाना के उपकरणों, गोला-बारूद तथा रसद को सीधे युद्ध मैदान में पहुंचाया जा सकता है। 11 टन की क्षमता वाला चिनूक 45 सैनिकों को ढोने में सक्षम है, इतना ही ....
क्या आप और अधिक पढ़ना चाहते हैं?
तो सदस्यता ग्रहण करें
इस अंक की सभी सामग्रियों को विस्तार से पढ़ने के लिए खरीदें |
पूर्व सदस्य? लॉग इन करें
वार्षिक सदस्यता लें
सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल के वार्षिक सदस्य पत्रिका की मासिक सामग्री के साथ-साथ क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स पढ़ सकते हैं |
पाठक क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स के रूप में सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल मासिक अंक के विगत 6 माह से पूर्व की सभी सामग्रियों का विषयवार अध्ययन कर सकते हैं |
संबंधित सामग्री
- 1 स्वदेशी स्वार्म ड्रोन तकनीक और 'थिंकिंग स्वार्म्स'
- 2 क्वांटम की डिस्ट्रीब्यूशन
- 3 पोर्टेबल अल्ट्रासाउंड एवं पीसीपीएनडीटी अधिनियम
- 4 हीलियम-3
- 5 डेंगीऑल वैक्सीन
- 6 'नेत्र' प्रणाली
- 7 तृष्णा मिशन
- 8 परमाणु ऊष्मा-आधारित हाइड्रोजन उत्पादन
- 9 चंद्रयान-3 के विक्रम लैंडर का 'हॉप प्रयोग'
- 10 गैलेक्सीआई द्वारा ओप्टोसार उपग्रह लॉन्च
- 1 गोलाकार क्लस्टर एनजीसी 2808 में तारों के नए समूह की खोज
- 2 पीएसएलवी-सी45 द्वारा एमीसैट व 28 विदेशी उपग्रहों का प्रक्षेपण
- 3 अगली पीढ़ी के डिजिटल उपकरणों हेतु चुंबकीय ग्रेफीन का विकास
- 4 पहली बार ली गई सुपरसोनिक शॉकवेव्स की इमेज
- 5 एक्जास्केल पैमाने वाला अमेरिका का सुपर-कंप्यूटरः ऑरोरा
- 6 मिशन शक्ति के तहत एंटी-सैटेलाइट मिसाइल का परीक्षण
- 7 भाषा के विकास में कृषि व जैविक परिवर्तनों की भूमिका

