कोविड-19 का वैश्विक रोजगार पर नकारात्मक प्रभावः आईएलओ
हाल ही में अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन (International Labour Organization-ILO) द्वारा किए गए अध्ययन के अनुसार ब्व्टप्क्-19 महामारी के कारण आने वाले दिनों में वैश्विक स्तर पर बेरोजगारी में भारी वृद्धि होगी और इस दौरान कर्मचारियों की आय में भी गिरावट होगी।
- इस अध्ययन में अलग-अलग परिस्थितियों और सरकारों की समन्वित प्रतिक्रिया के स्तरों के आधार पर श्रमिक बाजार पर COVID-19 के प्रभावों के संदर्भ में अनुमानित आँकड़े प्रस्तुत किये गए हैं।
- इस अध्ययन के अनुसार, वर्ष 2019 में दर्ज किये गए बेरोजगारी के 18.8 मिलियन श्रमिकों के आँकड़ों के अलावा 5.3 मिलियन अतिरिक्त श्रमिक भी इस बेरोजगारी की चपेट में होंगे जबकि ....
क्या आप और अधिक पढ़ना चाहते हैं?
तो सदस्यता ग्रहण करें
इस अंक की सभी सामग्रियों को विस्तार से पढ़ने के लिए खरीदें |
पूर्व सदस्य? लॉग इन करें
वार्षिक सदस्यता लें
सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल के वार्षिक सदस्य पत्रिका की मासिक सामग्री के साथ-साथ क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स पढ़ सकते हैं |
पाठक क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स के रूप में सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल मासिक अंक के विगत 6 माह से पूर्व की सभी सामग्रियों का विषयवार अध्ययन कर सकते हैं |
संबंधित सामग्री
- 1 अंतरराष्ट्रीय समुद्री क्षेत्र के नियम और समुद्री कानून
- 2 ओपेक से बाहर हुआ यूएई: ऊर्जा भू-राजनीति के बदलते समीकरण
- 3 सिंधु जल संधि विवाद: सुरक्षा, कूटनीति और अंतरराष्ट्रीय जल कानून की नई चुनौतियाँ
- 4 भारत–नीदरलैंड सांस्कृतिक पुनर्स्थापन
- 5 भारत-नॉर्वे संबंध : ग्रीन स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप
- 6 भारत-इटली स्पेशल स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप
- 7 रूस–चीन रणनीतिक साझेदारी और वैश्विक शक्ति संतुलन में बदलाव
- 8 भारत-साइप्रस रणनीतिक साझेदारी
- 9 अमेरिकी ग्रीन कार्ड नीति परिवर्तन: भारत–अमेरिका संबंधों पर प्रभाव
- 10 भारत ने श्रीलंका में OCI कार्ड पात्रता को छठी पीढ़ी तक बढ़ाया
- 1 हिंद महासागर आयोग का 5वां पर्यवेक्षक भारत
- 2 G7 शिखखर सम्मेलन
- 3 संयुक्त राष्ट्र महासभाः COVID-19 के खिखलाफ़ वैश्विक एकजुटता प्रस्ताव
- 4 G20 की वर्चुअल कॉन्फ्रफ्रेंसिंग
- 5 WHO ने COVID-19 को महामारी घोषित किया
- 6 भारत-यूरोपीय संघ एकीकृत स्थानीय ऊर्जा प्रणाली
- 7 भारत और बेल्जियम के मध्य प्रर्त्यपण संधि
- 8 ग्रांड इथियोपियाई रेनेसंस बांधा विवाद

