भारत का अंतरराष्ट्रीय मानसून परियोजना कार्यालय
केंद्र सरकार द्वारा 28 फरवरी, 2022 को राष्ट्रीय विज्ञान दिवस 2022 के अवसर पर अंतरराष्ट्रीय मानसून परियोजना कार्यालय [International Monsoons Project Office (IMPO)] का शुभारंभ किया गया।
मुख्य बिंदु
- प्रारंभिक 5 साल के लिए अंतरराष्ट्रीय मॉनसून परियोजना कार्यालय (IMPO) भारतीय उष्णदेशीय मौसम विज्ञान संस्थान (आईआईटीएम) में स्थापित किया जाएगा।
- यह अंतरराष्ट्रीय मानसून अनुसंधान से संबंधित गतिविधियों को संचालित करेगा| आईएमपीओ, मानसून की मौसमी परिवर्तनशीलता को समझने तथा एकीकृत वैज्ञानिक दृष्टिकोण का विस्तार करने में सहायक होगा|
- यह संगठन मानसून और चक्रवातों के पूर्वानुमान कौशल को बढ़ाने में सहायक होगा|
- इस प्रकार कृषि, जल संसाधन प्रबंधन, आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में क्षमता ....
क्या आप और अधिक पढ़ना चाहते हैं?
तो सदस्यता ग्रहण करें
इस अंक की सभी सामग्रियों को विस्तार से पढ़ने के लिए खरीदें |
पूर्व सदस्य? लॉग इन करें
वार्षिक सदस्यता लें
सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल के वार्षिक सदस्य पत्रिका की मासिक सामग्री के साथ-साथ क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स पढ़ सकते हैं |
पाठक क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स के रूप में सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल मासिक अंक के विगत 6 माह से पूर्व की सभी सामग्रियों का विषयवार अध्ययन कर सकते हैं |
संबंधित सामग्री
- 1 बैक्ट्रियन ऊँट
- 2 भारत में दुर्लभ ‘एंट फ्लाई’ की 2 नई प्रजातियों की खोज
- 3 भारतीय कार्बन बाज़ार के अनुपालन दायरे का विस्तार
- 4 अनैतिक वन्यजीव फ़ोटोग्राफी से दुर्लभ ‘गैलेक्सी फ्रॉग’ के अस्तित्व पर संकट
- 5 यूरोपीय संघ का कार्बन बॉर्डर एडजस्टमेंट मैकेनिज़्म (CBAM)
- 6 सूक्ष्म क्रस्टेशियन के नए वंश एवं प्रजाति की खोज
- 7 मीठे पानी की पफरफिश से विषाक्तता
- 8 IRENA महासभा का समापन: वैश्विक स्वच्छ ऊर्जा संक्रमण को गति देने पर बल
- 9 कोंडगई झील से 4,500 वर्षों का जलवायु अभिलेख पुनर्निर्मित
- 10 भारतीय स्किमर संरक्षण हेतु BNHS–NMCG परियोजना

