महाराष्ट्र के विदर्भ क्षेत्र से लौह कालीन बस्ती होने का प्रमाण मिला
हाल ही में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) द्वारा महाराष्ट्र के फूपगांव में किए गए उत्खनन से विदर्भ क्षेत्र में लौह कालीन बस्ती होने का प्रमाण मिला है। इस स्थल पर खुदाई दिसंबर, 2018 और मार्च, 2019 के बीच की गई।
मुख्य तथ्य
- यह स्थल तापी की प्रमुख सहायक नदी पूर्णा नदी के विशाल घुमावदार मार्ग में स्थित है, जो बारहमासी नदी हुआ करती थी, लेकिन वर्तमान में ऊपरी धारा में बांध का निर्माण हो जाने के कारण पूरी तरह सूख चुकी ।
- यह स्थल नदी के तल से लगभग 20 मीटर की दूरी पर स्थित है और पुराने ....
क्या आप और अधिक पढ़ना चाहते हैं?
तो सदस्यता ग्रहण करें
इस अंक की सभी सामग्रियों को विस्तार से पढ़ने के लिए खरीदें |
पूर्व सदस्य? लॉग इन करें
वार्षिक सदस्यता लें
सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल के वार्षिक सदस्य पत्रिका की मासिक सामग्री के साथ-साथ क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स पढ़ सकते हैं |
पाठक क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स के रूप में सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल मासिक अंक के विगत 6 माह से पूर्व की सभी सामग्रियों का विषयवार अध्ययन कर सकते हैं |
संबंधित सामग्री
- 1 राष्ट्रीय सांस्कृतिक मानचित्रण मिशन: 'मेरा गांव मेरी धरोहर'
- 2 कला संस्कृति विकास योजना (KSVY): भारतीय विरासत का डिजिटल और आर्थिक संरक्षण
- 3 विदेशों में भारतीय संस्कृति का संवर्धन एवं वैश्विक सहभागिता
- 4 सारनाथ: यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में भारत की 45वीं उपलब्धि
- 5 ज्ञान भारतम मिशन: पांडुलिपि विरासत का डिजिटल संरक्षण
- 6 संग्रहालय अनुदान योजना: सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण
- 7 वाराणसी में ब्रिक्स संस्कृति कार्य समूह की दूसरी बैठक
- 8 आयुर्वेद पांडुलिपियों का लिप्यंतरण हेतु आयुष मंत्रालय द्वारा कार्यशाला का आयोजन
- 9 राखीगढ़ी के अवशेष: सिंधु-सरस्वती सभ्यता के रहस्यों का वैज्ञानिक विश्लेषण
- 10 स्वदेशी शिल्प और सांस्कृतिक विरासत को जीआई (GI) मान्यता

