यमन संकटः सऊदी अरब व यूएई के पृथक हित
यमन के बंदरगाह शहर अदन में 11 अगस्त, 2019 को यूएई समर्थित दक्षिणी अलगाववादी बलों और सऊदी समर्थित सरकारी बलों के बीच झड़पों में 40 से अधिक लोगों की मौत हो गई। यमन सरकार का आरोप है कि यूएई ने अदन में विद्रोह का समर्थन किया है।
- उल्लेखनीय है कि यूएई, यमन में सऊदी के नेतृत्व वाले गठबंधन का एक हिस्सा है, हालांकि दोनों सहयोगियों के बीच हाल ही का टकराव दोनों देशों के हितों में अंतर को प्रदर्शित करता है।
- यमन में ‘दक्षिणी संक्रमणकालीन परिषद’ (Southern Transitional Council - STC) के अलगाववादियों ने अदन में लगभग खाली पड़े राष्ट्रपति महल और ....
क्या आप और अधिक पढ़ना चाहते हैं?
तो सदस्यता ग्रहण करें
इस अंक की सभी सामग्रियों को विस्तार से पढ़ने के लिए खरीदें |
पूर्व सदस्य? लॉग इन करें
वार्षिक सदस्यता लें
सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल के वार्षिक सदस्य पत्रिका की मासिक सामग्री के साथ-साथ क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स पढ़ सकते हैं |
पाठक क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स के रूप में सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल मासिक अंक के विगत 6 माह से पूर्व की सभी सामग्रियों का विषयवार अध्ययन कर सकते हैं |
संबंधित सामग्री
- 1 आर्कटिक में भारत की भूमिका: महत्वाकांक्षा और क्षमता के बीच बढ़ता अंतर
- 2 भारत पर अमेरिकी ‘ट्रांसशिपमेंट’ आरोप: व्यापारिक तनाव का नया अध्याय
- 3 अमेरिका में मतदाता पहचान और भारत की चुनावी व्यवस्था
- 4 भारत की UNSC 2028–29 सदस्यता की दावेदारी
- 5 भारत-तालिबान संबंध: रणनीतिक आवश्यकता और बदलता रुख
- 6 भारत–यू.के. रक्षा सहयोग : रणनीतिक साझेदारी का विस्तार
- 7 भारत–ब्राज़ील संबंध : वैश्विक दक्षिण की साझेदारी
- 8 भारत–जापान संबंध : हिंद-प्रशांत में रणनीतिक साझेदारी
- 9 UNHRC की रिपोर्ट: गाजा में नरसंहार के आरोप
- 10 UNCLOS के तहत हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य में पारगमन अधिकार
- 1 भारत-भूटान संबंधः नए समझौते व पृष्ठभूमि
- 2 भारत-जाम्बिया के बीच 6 समझौते
- 3 वेनेजुएला प्रवासी बच्चों को कोलंबिया की नागरिकता
- 4 अंतरराष्ट्रीय समाधान समझौतों पर अभिसमय को मंजूरी
- 5 एफएटीएफ-एपीजी ने पाकिस्तान को किया ब्लैक लिस्ट
- 6 यूएन की फिलिस्तीन शरणार्थी एजेंसी में भारतीय योगदान
- 7 अमेरिका ने चीन को करेंसी मैनिपुलेटर देश घोषित किया
- 8 पुरातत्वविदों को पेरू में मिले 227 बच्चों के अवशेष

