भारत-ईरान संबंध एवं चाबहार परियोजना
हाल ही में भारत द्वारा चाबहार रेल परियोजना के लिये समय पर वित्त न उपलब्ध कराए जाने के कारण ईरान द्वारा स्वयं ही चाबहार बंदरगाह रेल परियोजना के निर्माण का फ़ैसला लिया गया है। ईरान और भारत के मध्य चार वर्ष पूर्व चाबहार पोर्ट से अफ़ग़ानिस्तान सीमा पर ज़ाहेदान तक रेल लाइन बिछाने को लेकर समझौता हुआ था।
पृस्ठभूमि
- चाबहार परियोजना पारंपरिक रूप से महत्वपूर्ण भारत-ईरान संबंधों का प्रतीक रही है। यह परियोजना ....
क्या आप और अधिक पढ़ना चाहते हैं?
तो सदस्यता ग्रहण करें
इस अंक की सभी सामग्रियों को विस्तार से पढ़ने के लिए खरीदें |
पूर्व सदस्य? लॉग इन करें
वार्षिक सदस्यता लें
सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल के वार्षिक सदस्य पत्रिका की मासिक सामग्री के साथ-साथ क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स पढ़ सकते हैं |
पाठक क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स के रूप में सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल मासिक अंक के विगत 6 माह से पूर्व की सभी सामग्रियों का विषयवार अध्ययन कर सकते हैं |
संबंधित सामग्री
- 1 जी-7 में भारत: बदलती पश्चिमी दुनिया और नई रणनीति
- 2 भारत के सेमीकंडक्टर उद्योग का भविष्य
- 3 अध्यादेश और न्यायिक स्वतंत्रता
- 4 दिव्यांगजनों के लिए समान व्यवहार और अधिकार
- 5 अंतरिक्ष में कक्षीय प्रतिद्वंद्विता
- 6 जनसांख्यिकीय परिवर्तनों पर उच्च स्तरीय समिति : राष्ट्रीय सुरक्षा और अवैध प्रवासन का नया विमर्श
- 7 EV क्रांति और ऊर्जा अवसंरचना की चुनौती
- 8 कार्बन बॉर्डर एडजस्टमेंट मैकेनिज्म और भारत के समक्ष चुनौतियाँ
- 9 अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति आरक्षण में क्रीमी लेयर बहस
- 10 बढ़ती गर्म रातें : भारत में उभरता नया हीट संकट
करेंट अफेयर्स के चर्चित मुद्दे
- 1 संविधान की 10वीं अनुसूची: महत्व एवं कमियां
- 2 राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020
- 3 पोस्टल बैलट का विस्तार एवं वोटर पोर्टेबिलिटी
- 4 पद्मनाभ स्वामी मंदिर से संबंधित निर्णय
- 5 व्यभिचार से संबंधित संविधान पीठ का फैसला बरकरार
- 6 रेलवे का निजीकरण: आवश्यकता एवं संबंधित मुद्दे
- 7 भारत-अमेरिका सामरिक ऊर्जा साझेदारी
- 8 असम बाढ़: कारण, प्रभाव तथा बचाव संबंधी उपाय
- 9 जूनोटिक रोगों पर यूएनईपी की रिपोर्ट

