उत्तराखंड
‘भागीरथी पर्यावरण संवेदनशील क्षेत्र’ के जोनल मास्टर प्लान को मंजूरी
केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा 16 जुलाई, 2020 को ‘भागीरथी पर्यावरण संवेदनशील क्षेत्र’ के जोनल मास्टर प्लान को मंजूरी प्रदान कर दी गई।
- जोनल मास्टर प्लान (जेडएमपी) उत्तराखंड सरकार द्वारा तैयार किया गया और केंद्रीय जलशक्ति मंत्रालय द्वारा इसका मूल्यांकन किया गया।
- मास्टर प्लान वाटरशेड दृष्टिकोण पर आधारित है और इसमें वन एवं वन्यजीव, जल प्रबंधन, सिंचाई, ऊर्जा, पर्यटन, सार्वजनिक स्वास्थ्य एवं स्वच्छता, सड़क अवसंरचना आदि के क्षेत्र में गवर्नेंस भी शामिल हैं।
- केंद्र सरकार ने वर्ष 2012 में स्थानीय लोगों की आवश्यकताओं को ध्यान में ....
क्या आप और अधिक पढ़ना चाहते हैं?
तो सदस्यता ग्रहण करें
इस अंक की सभी सामग्रियों को विस्तार से पढ़ने के लिए खरीदें |
पूर्व सदस्य? लॉग इन करें
वार्षिक सदस्यता लें
सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल के वार्षिक सदस्य पत्रिका की मासिक सामग्री के साथ-साथ क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स पढ़ सकते हैं |
पाठक क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स के रूप में सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल मासिक अंक के विगत 6 माह से पूर्व की सभी सामग्रियों का विषयवार अध्ययन कर सकते हैं |
संबंधित सामग्री
- 1 कोलकाता में ₹18,700 करोड़ की विकास परियोजनाओं की शुरुआत
- 2 सिलचर में ₹23,550 करोड़ की विकास परियोजनाओं की शुरुआत
- 3 ‘निंगोल वन पहल’ और वन संरक्षण का नया संकल्प
- 4 श्री गुरु तेग बहादुर विश्वविद्यालय विधेयक 2026
- 5 तेलंगाना: मूसी नदी पुनर्जीवन परियोजना
- 6 मिजो भाषा को आठवीं अनुसूची में शामिल करने का प्रस्ताव
- 7 अनंतनाग में स्थापित किया जाएगा ‘एकीकृत एक्वा पार्क’
- 8 राजस्थान होमस्टे (पेइंग गेस्ट हाउस) योजना, 2026
- 9 MeHEALTH मोबाइल एप्लिकेशन
- 10 मानव–वन्यजीव संघर्ष के समाधान हेतु HANUMAN परियोजना

