फेशियल रिकग्निशन
फेशियल रिकग्निशन तकनीक
हाल ही में नागरिक उड्डयन मंत्रालय द्वारा की गई घोषणा के अनुसार मार्च 2022 से देश के चार हवाई अड्डों पर यात्री अपने बोर्डिंग पास के रूप में फेस स्कैन (Face Scan) का उपयोग कर सकेंगे। भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण द्वारा डिजीयात्रा नीति (DigiYatra Policy) के हिस्से के रूप में इसे लागू किया जा रहा है|
- सर्वप्रथम फेशियल रिकग्निशन प्रौद्योगिकी-आधारित बायोमेट्रिक बोर्डिंग सिस्टम को वाराणसी, पुणे, कोलकाता और विजयवाड़ा के हवाईअड्डों पर शुरू किया जाएगा।
- इसके बाद, इस प्रौद्योगिकी को देश के विभिन्न हवाई अड्डों पर चरणबद्ध तरीके से विस्तारित किया जाएगा।
फेशियल रिकग्निशन तकनीक क्या है?
- मुखाकृति ....
क्या आप और अधिक पढ़ना चाहते हैं?
तो सदस्यता ग्रहण करें
इस अंक की सभी सामग्रियों को विस्तार से पढ़ने के लिए खरीदें |
पूर्व सदस्य? लॉग इन करें
वार्षिक सदस्यता लें
सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल के वार्षिक सदस्य पत्रिका की मासिक सामग्री के साथ-साथ क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स पढ़ सकते हैं |
पाठक क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स के रूप में सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल मासिक अंक के विगत 6 माह से पूर्व की सभी सामग्रियों का विषयवार अध्ययन कर सकते हैं |
संबंधित सामग्री
- 1 NCERT MCQ अर्थशास्त्र
- 2 NCERT MCQ भूगोल
- 3 NCERT MCQ इतिहास
- 4 सामान्य अध्ययन मॉडल प्रश्न 2027
- 5 इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन (ISM) 2.0
- 6 एआई इम्पैक्ट समिट, 2026
- 7 राष्ट्रीय शून्य खसरा–रूबेला उन्मूलन अभियान
- 8 नैफिथ्रोमाइसिन : भारत का पहला स्वदेशी एंटीबायोटिक
- 9 ज़ॉम्बी डियर रोग/क्रॉनिक वेस्टिंग डिज़ीज़
- 10 टीबी उन्मूलन की ओर भारत की तेज प्रगति

