MSMEs: भारत की वैश्विक विकास रणनीति का मूलाधार

केंद्रीय बजट 2026–27 ने सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (MSMEs) को भारत की विकास गाथा के केंद्र में स्थापित किया है तथा उन्हें वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी अग्रणी उद्यमों में रूपांतरित करने हेतु एक समग्र रणनीति प्रस्तुत की है।

  • रोजगार सृजन एवं निर्यात संवर्द्धन में इस क्षेत्र की केंद्रीय भूमिका को स्वीकार करते हुए, बजट ने MSME को व्यापक स्तर पर सुदृढ़ करने हेतु त्रिस्तरीय दृष्टिकोण प्रस्तावित किया है।

MSMEs को 'चैंपियंस' के रूप में विकसित करने हेतु त्रिस्तरीय दृष्टिकोण

  • इक्विटी समर्थन
    • 10,000 करोड़ रुपये का समर्पित SME ग्रोथ फंड घोषित किया गया है, जिसका उद्देश्य निर्धारित पात्रता मानदंडों के ....

क्या आप और अधिक पढ़ना चाहते हैं?
तो सदस्यता ग्रहण करें
इस अंक की सभी सामग्रियों को विस्तार से पढ़ने के लिए खरीदें |

पूर्व सदस्य? लॉग इन करें


वार्षिक सदस्यता लें
सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल के वार्षिक सदस्य पत्रिका की मासिक सामग्री के साथ-साथ क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स पढ़ सकते हैं |
पाठक क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स के रूप में सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल मासिक अंक के विगत 6 माह से पूर्व की सभी सामग्रियों का विषयवार अध्ययन कर सकते हैं |

संबंधित सामग्री

आर्थिक परिदृश्य