ऑफशोर पवन ऊर्जा

  • 18 फरवरी, 2026 को भारत और यूनाइटेड किंगडम ने भारत-यूके विजन 2035 तथा चौथे ऊर्जा संवाद के अंतर्गत ‘भारत–यूके अपतटीय पवन टास्कफोर्स’ (India-UK Offshore Wind Taskforce) का शुभारंभ किया, ताकि ऑफशोर पवन ऊर्जा विकास में सहयोग को तेज़ किया जा सके।
  • अपतटीय पवन ऊर्जा का तात्पर्य समुद्री वातावरण (समुद्र/महासागर) में स्थापित पवन टरबाइनों से बिजली उत्पादन से है, जहाँ हवा अधिक शक्तिशाली और स्थिर होती है।
  • नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ विंड एनर्जी, चेन्नई के अनुसार भारत में लगभग 70 गीगावाट (GW) ऑफशोर पवन ऊर्जा क्षमता है, जो मुख्यतः गुजरात और तमिलनाडु के तटों पर केंद्रित ....
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