स्टार्टअप मान्यता रूपरेखा में संशोधन
हाल ही में केंद्र सरकार ने ‘स्टार्टअप इंडिया’ कार्ययोजना को और सशक्त बनाने के उद्देश्य से स्टार्टअप मान्यता रूपरेखा में महत्वपूर्ण संशोधन किए हैं।
- स्टार्टअप इंडिया के दूसरे दशक में प्रवेश के साथ यह संशोधित रूपरेखा संस्थापकों के लिए अधिक पूर्वानुमेय, समावेशी और भविष्य-उन्मुख नीतिगत वातावरण तैयार करने पर केंद्रित है।
- साथ ही यह उच्च-प्रौद्योगिकी और अनुसंधान-प्रधान क्षेत्रों में दीर्घकालिक सीमित पूंजी (patient capital) के प्रवाह को प्रोत्साहित करना भी इसका प्रमुख लक्ष्य है।
स्टार्टअप मान्यता मानदंडों में प्रमुख संशोधन
- टर्नओवर सीमा में वृद्धि: विकसित स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र और उद्यमों को उनके व्यावसायिक जीवन चक्र ....
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