बस्तर ओलंपिक: शांति, सहभागिता और बदलाव की नई धारा
वामपंथी उग्रवाद (LWE) से प्रभावित रहे बस्तर में 'बस्तर ओलंपिक' युवाओं की ऊर्जा को सकारात्मक दिशा देने और शांति स्थापित करने वाला एक परिवर्तनकारी सामाजिक आंदोलन बन गया है।
- वर्ष 2024 की तुलना में वर्ष 2025 में प्रतिभागियों की संख्या में लगभग तीन गुना (3.91 लाख) की वृद्धि हुई है, जो शासन व्यवस्था में स्थानीय लोगों के बढ़ते विश्वास का प्रतीक है।
- स्थानीय आदिवासी बोली पर आधारित 'नुआ बाट' (अर्थात 'नई राह') नामक एक विशेष टीम का गठन किया गया है, जिसमें समाज की मुख्यधारा में लौटे पूर्व माओवादी, नक्सल पीड़ित और दिव्यांग एथलीट शामिल हैं।
- 'नुआ बाट' टीम बस्तर रेंज के सभी ....
क्या आप और अधिक पढ़ना चाहते हैं?
तो सदस्यता ग्रहण करें
इस अंक की सभी सामग्रियों को विस्तार से पढ़ने के लिए खरीदें |
पूर्व सदस्य? लॉग इन करें
वार्षिक सदस्यता लें
सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल के वार्षिक सदस्य पत्रिका की मासिक सामग्री के साथ-साथ क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स पढ़ सकते हैं |
पाठक क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स के रूप में सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल मासिक अंक के विगत 6 माह से पूर्व की सभी सामग्रियों का विषयवार अध्ययन कर सकते हैं |
संबंधित सामग्री
- 1 बीमा क्षेत्र में 100% FDI को मंजूरी
- 2 ग्रेट निकोबार परियोजना: राष्ट्रीय सुरक्षा बनाम पारिस्थितिकी और आदिवासी अधिकार
- 3 नकली वकील : कानूनी पेशे में संकट
- 4 मई 2026 के घटनाक्रम पर आधारित
- 5 पुरस्कार एवं सम्मान
- 6 नियुक्ति और त्यागपत्र
- 7 रक्षा (Defense)
- 8 खेल समाचार
- 9 अर्थव्यवस्था
- 10 पर्यावरण एवं पारिस्थिकी
पत्रिका सार
- 1 संपादकीय
- 2 नक्सल-मुक्त भारतः एक ऐतिहासिक उपलब्धि
- 3 संघर्ष से प्रगति तक छत्तीसगढ़ की परिवर्तन यात्रा
- 4 नक्सल-मुक्त भारत एक निर्णायक रणनीतिक बदलाव
- 5 वामपंथी उग्रवाद उन्मूलन के लिए केंद्र-राज्य समन्वित सरकारी रणनीति
- 6 सुरक्षा से संपर्क तकः नक्सल-मुक्त भारत में दूरसंचार क्रांति की भूमिका
- 7 वामपंथी उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों में विश्वास, विकास और लोकतंत्र की जीत
- 8 संपादकीय
- 9 प्रौद्योगिकी के माध्यम से सामाजिक सुरक्षा
- 10 स्मार्ट गाँव : प्रौद्योगिकी आधारित समावेशी विकास
- 11 किसान कल्याण के लिए कृषि प्रौद्योगिकी और जलवायु अनुकूल प्रौद्योगिकी
- 12 हेल्थटेकः सभी के लिए सुलभ स्वास्थ्य सेवाएँ
- 13 तकनीक से सशक्त होते दिव्यांगजन
- 14 योग : स्वस्थ गाँव, विकसित भारत
- 15 ग्लोबल एनर्जी में उथल-पुथल के दौर में भारत का एनर्जी ट्रांज़िशन
- 16 UAE का OPEC से बाहर निकलना
- 17 अपशिष्ट जल प्रदूषण से समुद्री संरक्षित क्षेत्रों को खतरा
- 18 मरुस्थलीकरण और सूखे पर G7 घोषणा
- 19 जलवायु परिवर्तन और चुनाव
- 20 भारत का बढ़ता रोग बोझ
- 21 सेलुलर कृषि और संवर्धित मांस
- 22 भारत में मानव-वन्यजीव संघर्ष
- 23 क्रिटिकल मिनरल्स और स्वच्छ ऊर्जा संक्रमण

