तकनीक से सशक्त होते दिव्यांगजन
भारत में लगभग 70 प्रतिशत दिव्यांगजन ग्रामीण क्षेत्रों में निवास करते हैं, जिनके समावेशी विकास के लिए तकनीक अत्यंत महत्वपूर्ण है।
- सुगम्य भारत अभियान और डिजिटल इंडिया जैसी सरकारी योजनाएं दिव्यांगजनों के लिए परिवहन और डिजिटल समावेशन को बढ़ावा दे रही हैं।
- गूगल असिस्टेंट, सिरी और एलेक्सा जैसे AI आधारित वॉयस असिस्टेंट दृष्टिबाधित और शारीरिक रूप से अक्षम लोगों को डिजिटल सेवाओं से जोड़ रहे हैं।
- 'मेक इन इंडिया' पहल के तहत स्थानीय जरूरतों के अनुरूप कम लागत वाली 'सहायक प्रौद्योगिकियों' का विकास किया जा सकता है।
- एनईपी (NEP) 2020 में भी डिजिटल पहुंच और समावेशी शिक्षा पर विशेष जोर दिया गया है, ताकि ....
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