संघर्ष से प्रगति तक छत्तीसगढ़ की परिवर्तन यात्रा

बस्तर में नक्सल-विरोधी अभियानों का नेतृत्व कर रहे 'डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड' (DRG) में मात्र 10-15% आत्मसमर्पित नक्सली हैं, शेष पूर्णतः स्थानीय युवा हैं।

  • माओवादियों की आर्थिक कमर तोड़ने हेतु 'तेंदूपत्ता' संग्रहण को निजी ठेकेदारों से मुक्त कर सीधे राज्य सरकार की एजेंसी के अधीन किया गया है।
  • माओवादियों द्वारा ध्वस्त किए गए सुकमा के 123 और बीजापुर के 265 स्कूलों को पुनः खोला गया है, तथा धुर नक्सल गढ़ 'पूवर्ती' में वर्ष 2024 में पहली बार मतदान संपन्न हुआ।
  • NCAER सर्वे के अनुसार, वर्तमान में बस्तर के 93% गांवों में प्राथमिक स्कूल, 97% में आंगनबाड़ी और 87% गांवों में मोबाइल कवरेज उपलब्ध हो ....
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