वायु प्रदूषण एवं मृत्यु दर
हाल ही में, द ब्रिटिश मेडिकल जर्नल में प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार, भारत में प्रतिवर्ष 2.18 मिलियन मौतें सभी स्रोतों से होने वाले बाहरी वायु प्रदूषण (Outdoor air pollution) के कारण होती हैं।
मुख्य बिन्दु
- मृत्यु दर: उद्योग, बिजली उत्पादन और परिवहन में जीवाश्म ईंधन के उपयोग से होने वाले वायु प्रदूषण के कारण वैश्विक स्तर पर प्रतिवर्ष 5.1 मिलियन अतिरिक्त मौतें होती हैं।
- 2019 में, दुनिया भर में 8.3 मिलियन मौतें परिवेशी वायु में सूक्ष्म कणों (PM2.5) और ओजोन (O3) के कारण हुईं, जिनमें से 61% (5.1 मिलियन) जीवाश्म ईंधन से जुड़ी थीं।
- क्षेत्रवारः परिवेशी वायु प्रदूषण के सभी ....
क्या आप और अधिक पढ़ना चाहते हैं?
तो सदस्यता ग्रहण करें
इस अंक की सभी सामग्रियों को विस्तार से पढ़ने के लिए खरीदें |
पूर्व सदस्य? लॉग इन करें
वार्षिक सदस्यता लें
सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल के वार्षिक सदस्य पत्रिका की मासिक सामग्री के साथ-साथ क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स पढ़ सकते हैं |
पाठक क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स के रूप में सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल मासिक अंक के विगत 6 माह से पूर्व की सभी सामग्रियों का विषयवार अध्ययन कर सकते हैं |
संबंधित सामग्री
- 1 चंबल नदी में घटता प्रवाह डॉल्फिन आवास के लिए खतरा
- 2 असम में “बेंट-टोड गेको” की नई प्रजाति की खोज
- 3 भारत का पहला वॉटर न्यूट्रल कोचिंग डिपो
- 4 भारत का प्रथम राष्ट्रीय चमगादड़ आकलन
- 5 भारतीय सॉफ्टशेल कछुए की तस्करी से बचाव
- 6 कश्मीर में साही का खतरा एवं केसर उत्पादन पर प्रभाव
- 7 ग्रेट इंडियन बस्टर्ड
- 8 BRIC की पहली अनुसंधान सलाहकार बोर्ड बैठक
- 9 बाल्टिक सागर में फंसी हंपबैक व्हेल
- 10 मेक्सिको की खाड़ी में राइस व्हेल पर विलुप्ति का खतरा

