अफ्रीकी पेंगुइन

  • हाल ही में “ऑस्ट्रिच: जर्नल ऑफ़ अफ़्रीकन ऑर्निथॉलॉजी” में प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार, 2004-2011 के मध्य 60,000 से अधिक अफ्रीकी पेंगुइनों (Spheniscus demersus) की मृत्यु हो गयी।
  • इनमें से अधिकांश मौतें डासेन और रोबेन द्वीपों के आसपास दर्ज की गईं।
  • इसका मुख्य कारण दक्षिणी अफ्रीका के समुद्री क्षेत्र में सार्डिन मछलियों (Sardinops sagax) का अत्यधिक दोहन है।
  • अफ्रीकी पेंगुइन, जिन्हें “जैकस पेंगुइन” भी कहा जाता है, पेंगुइन की एकमात्र प्रजाति है, जो अफ्रीका महाद्वीप (मुख्य रूप से दक्षिण अफ्रीका और नामीबिया के तटों) पर पाई जाती है।
  • अफ्रीकी पेंगुइन को IUCN की रेड लिस्ट में “अति संकटग्रस्त” (Critically Endangered) श्रेणी में रखा ....
क्या आप और अधिक पढ़ना चाहते हैं?
तो सदस्यता ग्रहण करें
इस अंक की सभी सामग्रियों को विस्तार से पढ़ने के लिए खरीदें |

पूर्व सदस्य? लॉग इन करें


वार्षिक सदस्यता लें
सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल के वार्षिक सदस्य पत्रिका की मासिक सामग्री के साथ-साथ क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स पढ़ सकते हैं |
पाठक क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स के रूप में सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल मासिक अंक के विगत 6 माह से पूर्व की सभी सामग्रियों का विषयवार अध्ययन कर सकते हैं |

संबंधित सामग्री

पर्यावरण एवं पारिस्थितिकी