स्पंजी सूक्ष्मजीव: जल प्रदूषण निगरानी एवं जैव-उपचार की उभरती तकनीक

हाल ही में भारतीय वैज्ञानिकों द्वारा किए गए एक अध्ययन के अनुसार, स्पंजी सूक्ष्मजीव आर्सेनिक, सीसा और कैडमियम जैसी विषैली धातुओं के प्रदूषण के प्रभावी जैव-सूचक (Bioindicators) के रूप में कार्य कर सकते हैं।

  • भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (DST) के स्वायत्त संस्थान बोस इंस्टीट्यूट के वैज्ञानिकों ने सुंदरबन डेल्टा से एकत्रित मीठे पानी के स्पंजों पर यह अध्ययन किया है।
  • इन स्पंजों में आर्सेनिक, सीसा और कैडमियम जैसी जहरीली धातुओं का स्तर आस-पास के जल की तुलना में कहीं अधिक पाया गया, जो उनकी मजबूत “जैव संचय क्षमता” को प्रदर्शित करता है।

जैव संचय क्षमता क्या है?

  • जैव ....
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