भारत का अद्यतन भूकंपीय मानचित्र: पहली बार ज़ोन VI शामिल

हाल ही में भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) ने नए भूकंप डिजाइन कोड के अंतर्गत एक पूर्णतया अद्यतन भूकंपीय क्षेत्रीकरण मानचित्र (Seismic Zonation Map) जारी किया है।

यह नया मानचित्र कैसे विशेष है?

  • पहले के मानचित्र मुख्यतः पुराने भूकंपों के केंद्र, उनकी तीव्रता, मृदा की श्रेणियों और ऐतिहासिक क्षति पर आधारित थे, जिससे औद्योगिक नगरों या बड़े शहरों के आसपास ज़ोन में बदलाव होता था, लेकिन भ्रंशों की वास्तविक क्षमता को पूरी तरह नहीं आँका जाता था।
  • वहीं यह नया मानचित्र अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्वीकार्य ‘संभाव्यता-आधारित भूकंपीय जोखिम मूल्यांकन’ (Probabilistic Seismic Hazard Assessment-PSHA) पद्धति से तैयार किया गया है।
  • इसमें सक्रिय भ्रंशों (Fault) ....

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