सीबीएएम पर भारत-यूरोप में भिन्नता
7 नवंबर, 2023 को भारतीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने घरेलू उद्योग को आश्वासन दिया कि भारत कार्बन सीमा समायोजन तंत्र (Carbon Border Adjustment Mechanism - CBAM) के तहत अनुचित करों को स्वीकार नहीं करेगा, क्योंकि भारत और यूरोप में कार्बन की कीमत एक समान नहीं हो सकती है।
सीबीएएम क्या है?
- परिचयः यह यूरोपीय संघ के ग्रीन डील (Green Deal) के तत्वों में से एक है, जिसका लक्ष्य 2030 तक ग्रीन हाउस गैसों के उत्सर्जन को 55% तक कम करना है। इसका प्राथमिक उद्देश्य श्कार्बन रिसाव’ को रोकना है।
- यूरोपीय संघ के विभिन्न निर्माता द्वारा कार्बन-गहन उत्पादन (carbon-intensive ....
क्या आप और अधिक पढ़ना चाहते हैं?
तो सदस्यता ग्रहण करें
इस अंक की सभी सामग्रियों को विस्तार से पढ़ने के लिए खरीदें |
पूर्व सदस्य? लॉग इन करें
वार्षिक सदस्यता लें
सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल के वार्षिक सदस्य पत्रिका की मासिक सामग्री के साथ-साथ क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स पढ़ सकते हैं |
पाठक क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स के रूप में सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल मासिक अंक के विगत 6 माह से पूर्व की सभी सामग्रियों का विषयवार अध्ययन कर सकते हैं |
संबंधित सामग्री
- 1 चंबल नदी में घटता प्रवाह डॉल्फिन आवास के लिए खतरा
- 2 असम में “बेंट-टोड गेको” की नई प्रजाति की खोज
- 3 भारत का पहला वॉटर न्यूट्रल कोचिंग डिपो
- 4 भारत का प्रथम राष्ट्रीय चमगादड़ आकलन
- 5 भारतीय सॉफ्टशेल कछुए की तस्करी से बचाव
- 6 कश्मीर में साही का खतरा एवं केसर उत्पादन पर प्रभाव
- 7 ग्रेट इंडियन बस्टर्ड
- 8 BRIC की पहली अनुसंधान सलाहकार बोर्ड बैठक
- 9 बाल्टिक सागर में फंसी हंपबैक व्हेल
- 10 मेक्सिको की खाड़ी में राइस व्हेल पर विलुप्ति का खतरा

