अंबाजी के सफेद संगमरमर को मिला GI टैग
हाल ही में गुजरात के तीर्थ स्थल एवं शक्तिपीठ अंबाजी के संगमरमर को केंद्र से भौगोलिक संकेतक (GI) टैग प्राप्त हुआ है।
- अंबाजी की संगमरमर की खदानें 1,200-1,500 साल पुरानी हैं, लगभग उसी समय जब माउंट आबू में दिलवाड़ा जैन मंदिर का निर्माण हुआ था।
- इस संगमरमर का उपयोग मियामी, लॉस एंजिल्स, बोस्टन, न्यूजीलैंड और इंग्लैंड सहित विदेशों में मंदिर निर्माण में भी किया गया है।
- अपनी मज़बूती और उच्च कैल्शियम सामग्री के लिए प्रसिद्ध, अंबाजी संगमरमर का इस्तेमाल अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण में किया गया है।
- हाल ही में हुए एक सर्वेक्षण में पाया गया है कि इस पत्थर में सिलिकॉन ....
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